MyMandirInstall

*सीख नहीं पा रहा हूं* *मीठे झूठ बोलने का हुनर* *कड़वे सच से हमसे न जाने* *कितने लोग रूठ गये* *लोहे को कोई खराब नहीं कर सकता* *पर उसका खुद का ज़ंग* *उसे खराब कर देता है* *वैसे ही इंसान को उसका* *अहंकार बर्बाद कर देता है* *आओ हम सब मिलकर* *किसी को परखने की जिद छोड़कर* *समझने की कोशिश करते है* *इज्ज़त के बदले इज्ज़त देनी चाहिए* *लेकिन अगर बेइज्जती के बदले भी* *अगर इज्जत दी जाए तो* *उस शख्स की इससे बड़ी* *बेइज्जती और कोई नहीं हो सकती* शुभ रात्रि जी,,,,🙏*

Post media

Comments (1)

Pannalal Chouhan

Pannalal Chouhan

Nov 15, 2025

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय