MyMandirInstall

*लक्ष्मी जगार, बस्तर छत्तीसगढ़* छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी जीवित परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध है। फसल कटाई के बाद यहां मनाए जाने वाला लक्ष्मी जगार खेती, अनाज और समृद्धि से जुड़ी आस्था का आस्था का अनुष्ठान है। लक्ष्मी जगार में धान रूपी लक्ष्मीनारायण के विवाह की कथा गाई जाती है। धनुष से विशेष धुन निकालकर देवी का आह्वान किया जाता है और गीतों के मध्य से लक्ष्मी रानी और नारायण राजा की कथा सुनाई जाती है। इस झाड़ में धान को लक्ष्मी का प्रतीक मानकर घर लाया जाता है और नौ दिनों तक पूजा की जाती है। बस्तर में झाड़ के चार रूप माने जाते है, आठे जगार, तीजा जगार, लक्ष्मी जगार और बाली जगार। मोहरी जैसे पारंपरिक वाद्य गूंजते है, पूरा ग्राम एकत्र होता है और घर–परिवार की सुख शांति की कामना की जाती है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!