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SHREE SHARMA

2 days ago

कन्या पूजन की आयु अवस्था कितनी?? ---*⚜*--- *एकवर्षा न कर्तव्या कन्या पूजाविधौ नृप ।* *परमज्ञा तु भोगानां गन्धादीनां च बालिका ।।* *अत ऊर्ध्वं न कर्तव्या सर्वकार्यविगर्हिता ।।* *कुमारिका तु सा प्रोक्ता द्विवर्षा या भवेदिह ।* *कुमारी पूजिता कुर्याद्‌दुःखदारिद्रयनाशनम् ।* *शत्रुक्षयं धनायुष्यं बलवृद्धिं करोति वै ।।* देवीभागवत ३/२६/४०,४१,४३,४५ "व्यासजी कहते है- नवरात्र में कन्यापूजन में एक वर्ष की अवस्था वाली कन्या नहीं लेना चाहिए क्योंकि वह गंध और खाद्य पदार्थों के स्वाद से बिल्कुल अनभिज्ञ रहती है । दस वर्ष के ऊपर की अवस्था वाली कन्या का पूजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वह सभी पूजा कार्यों में वर्जित मानी जाती है। नवरात्र में कन्यापूजन में दो वर्ष की कन्या 'कुमारी' कही गई है, उसका सदा विधिवत पूजन करना चाहिए । 'कुमारी' नाम की कन्या पूजित होने पर दुख, दरिद्रता तथा शत्रु का नाश और धन, आयु तथा बल की वृद्धि करती है ।" ---*⚜*--- नवरात्रव्रतस्यास्य प्रभावेण विशांवर । सुखं भूमितले प्राप्तं रामेणामिततेजसा ।। देवीभागवत ०३/२७/५३ *‘‘नवरात्र व्रत के प्रभाव से अमित तेजवाले श्रीरामजी ने पृथ्वी तल पर महान् सुख प्राप्त किया।‘‘* ---*⚜*--- त्रिमूर्तिश्च त्रिवर्षा च कल्याणी चतुरब्दिका । त्रिमूर्तिपूजनादायुस्त्रिवर्गस्य फलं भवेत् । धनधान्यागमश्चैव पुत्रपौत्रादिवृद्धयः ।। त्रिमूर्तिश्च त्रिवर्षा च कल्याणी चतुरब्दिका । विद्यार्थी विजयार्थी च राज्यार्थी यश्च पार्थिवः । Vसुखार्थी पूजयेन्नित्यं कल्याणीं सर्वकामदाम् ।। देवीभागवत ३/२६/४१,४६,४७ *"व्यासजी कहते है- नवरात्र में कन्यापूजन में तीन वर्ष की कन्या 'त्रिमूर्ति' कहलाती है , जिसका पूजन करने से धर्म, अर्थ, काम की पूर्ति होती है, धन-धान्य का आगमन होता है और पुत्र-पुत्र आदि की वृद्धि होती है । चार वर्ष की कन्या 'कल्याणी' कहलाती है, जो विद्या, विजय, राज्य तथा सुख की कामना करता है , उसे सभी कामनाएं प्रदान करने वाली है 'कल्याणी ' नामक कन्या का नित्य पूजन करना चाहिए ।"* ---*⚜*--- ज्ञानदं मोक्षदं चैव सुखसन्तानवर्धनम् । शत्रुनाशकरं कामं नवरात्रव्रतं सदा ।। देवीभागवतपुराण ०३/२७/४८ *‘‘नवरात्र व्रत सर्वदा ज्ञान तथा मोक्ष को देने वाला, सुख तथा सन्तान की वृद्धि करने वाला एवं शत्रुओं का पूर्ण रूप से विनाश करने वाला है ।‘‘* ---*⚜*--- *रोहिणी पञ्चवर्षा च षड्‌वर्षा कालिका स्मृता ।* *कालिकां शत्रुनाशार्थं पूजयेद्‌भक्तिपूर्वकम् ।* *रोहिणीं रोगनाशाय पूजयेद्विधिवन्नरः ।।* देवीभागवत ३/२६/४२,४८,५१ "नवरात्र में कन्यापूजन में पाँच वर्ष की कन्या 'रोहिणी' कहलाती है, रोग नाश के निमित्त रोहिणी की विधिवत आराधना करनी चाहिए। छः वर्ष की 'कालिका' कहलाती है, शत्रुओं का नाश करने के लिए भक्ति पूर्वक 'कालिका' कन्या का पूजन करना चाहिए ।" ---*⚜*--- *सुखिना राम कर्तव्यं नवरात्रव्रतं शुभम् ।* *विशेषेण च कर्तव्यं पुंसा कष्टगतेन वै ।।* देवीभागवत ०३/३०/२२ ‘‘नारदजी श्रीरामजी से कहते है- सुखी मनुष्य को इस व्रत का अनुष्ठान करना चाहिये और कष्ट में पडे हुए मनुष्य को तो यह व्रत विशेष रूप से करना चाहिये ।‘‘ ---*⚜*--- *चण्डिका सप्तवर्षा स्यादष्टवर्षा च शाम्भवी ।।* *ऐश्वर्यधनकामश्च चण्डिकां परिपूजयेत् ।।* *पूजयेच्छाम्भवीं नित्यं नृपसंमोहनाय च ।* *दुःखदारिद्र्यनाशाय सङ्ग्रामे विजयाय च ।।* देवीभागवत ३/२६/४२,४८,४९ "नवरात्र में कन्या पूजन में सात वर्ष की 'चण्डिका' कहलाती है, धन तथा ऐश्वर्य की अभिलाषा रखने वालों को 'चण्डिका' कन्या की पूजा करनी चाहिए। आठ वर्ष की कन्या 'शाम्भवी' कहलाती है । सम्मोहन, दुख-दारिद्र्य के नाम तथा संग्राम में विजय के लिये 'शाम्भवी' कन्या की नित्य पूजा करना चाहिए ।" ---*⚜*--- *विद्यार्थी सर्वविद्यां वै प्राप्नोति व्रतसाधनात् ।* *राजभ्रष्टो नृपो राज्यं समवाप्नोति सर्वदा ।।* देवीभागवतपुराण ०३/२७/१८ "नवरात्र व्रत का अनुष्ठान करने से विद्या चाहने वाला मनुष्य समस्त विद्या प्राप्त कर लेता है और अपने राज्य से वंचित राजा फिर से अपना राज्य प्राप्त कर लेता है।‘‘ ---*⚜*--- 🙏 *जय माता दी* 🙏 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸

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Comments (7)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 20, 2026

विजय दशमी की आप को हार्दिक शुभकामनाएं..🍁🌻☘️🙏💕 प्रभु श्रीराम की कृपा से आप के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। ✨ जय बजरंगबली ♥️ जय श्रीराम! 🌹🌷🌺🚩 राधे राधे जी 🌹🌹 आप को शुभ रात्री वंदन 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 20, 2026

कन्या पूजन जिन्होंने किया वो बहुत भाग्यशाली हैं। माँ सभी का घर खुशियों से भर दे। जय माता दी 🌺🌺🙏🙏