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*🕉️कालाष्टमी 2026: इस दिन पड़ रही है चैत्र की पहली कालाष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और विशेष उपाय🕉️* 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 *🪦सनातन धर्म में भगवान शिव के रौद्र और शक्तिशाली स्वरूप काल भैरव की उपासना का विशेष महत्व है. प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है.* *यह दिन तंत्र-मंत्र की साधना और कठिन तपस्या के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आम भक्तों के लिए कष्टों से मुक्ति पाने का अवसर भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने पर अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन की परेशानियां अपने आप ही शांत हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि चैत्र की पहली कालाष्टमी कब है, इसका शुभ मुहूर्त क्या है, कालभैरव की पूजा-विधि क्या है और इस दिन कौन सा उपाय करना शुभ रहेगा.* *📿कालाष्टमी का महत्व* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* भगवान काल भैरव को काशी का कोतवाल माना गया है. कालाष्टमी के दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है ताकि विपरीत परिस्थितियों, मानसिक संताप और अनिष्टकारी शक्तियों से रक्षा हो सके. सच्चे मन से किया गया यह व्रत साधक की हर जायज इच्छा को पूर्ण करने की शक्ति रखता है. तंत्र विद्या में रुचि रखने वालों के लिए यह तिथि अत्यंत सिद्ध मानी गई है. इस दिन की गई गुप्त साधनाओं से भगवान भैरव शीघ्र प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं. मान्यता है कि कालाष्टमी का उपवास करने से इंसान के पुराने रोगों और शत्रुओं का नाश होता है. *📿चैत्र कालाष्टमी 2026, तिथि और शुभ मुहूर्त* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* `●विवरण समय और तिथि-` * अष्टमी तिथि का प्रारंभ 11 मार्च 2026, देर रात 01:54 बजे से * अष्टमी तिथि का समापन 12 मार्च 2026, सुबह 04:19 बजे तक * मुख्य पूजा का समय (निशा काल) 11 मार्च 2026 की मध्यरात्रि *📿कालाष्टमी 2026 पूजा विधि* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* मासिक कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. काल भैरव देव को सरसों के तेल का दीपक जलाएं. कालभैरव को इमरती, दही-बड़ा या मदिरा (तामसिक साधना में) का भोग लगाने की परंपरा है. इस दिन काले कुत्ते को भोजन कराना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है, क्योंकि कुत्ता भगवान भैरव का वाहन है. *📿कालाष्टमी के उपाय* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* बीमारियों से मुक्ति के लिए- अगर घर में कोई सदस्य लंबे समय से अस्वस्थ है या बीमारियां पीछा नहीं छोड़ रही हैं, तो यह उपाय रामबाण सिद्ध हो सकता है. इसके लिए कालाष्टमी के दिन एक ताजी रोटी लें और उस पर सरसों का तेल अच्छी तरह लगा लें. रोटी पर तेल लगाते समय मन ही मन भगवान काल भैरव का स्मरण करें और अपनी सेहत के लिए प्रार्थना करें. इसके बाद यह रोटी किसी काले कुत्ते को खिला दें. कुत्ता भगवान भैरव का वाहन माना जाता है. इसलिए मान्यता है कि उसकी सेवा करने से शारीरिक कष्टों का निवारण होता है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आता है. *🚩आर्थिक तंगी दूर करन के लिए-* कड़ी मेहनत के बाद भी अगर धन की आवक नहीं बढ़ रही है या आप कर्ज के बोझ से दबे हैं, तो इससे मुक्ति पाने के लिए कालाष्टमी की शाम को मिट्टी के एक दीपक में सरसों का तेल भरकर भैरव जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने जलाएं. दीपक जलाते समय पूरी श्रद्धा के साथ इस मंत्र का दो बार जाप करें- *•'ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं'.* यह मंत्र जीवन की विपत्तियों को सोख लेता है और आर्थिक तरक्की में आने वाली बाधाओं को दूर करता है. *🚩गृह क्लेश की शांति के लिए-* अगर घर का वातावरण अशांत रहता है और छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता है, तो भगवान शिव की शरण लेना सर्वोत्तम है. कालाष्टमी के दिन स्नान के बाद पवित्र होकर भगवान शिव की प्रतिमा के सामने आसन लगाकर बैठें. पूरी एकाग्रता के साथ *•'शिव चालीसा'* का पाठ करें. काल भैरव भगवान शिव के ही अवतार हैं. शिव चालीसा का पाठ करने से महादेव का रौद्र रूप शांत होकर सौम्य हो जाता है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और घर में शांति का वास होता है. *♿#जय_महाकाल♿* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱

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