
SHREE SHARMA
397 days ago
अनंतं वासुकीं शेषं पद्मनाभं च कंबलम् शंखपालं धृतराष्ट्रं च तक्षकं कालियं तथा एतानि नव नामानि नागानाम् च महात्मन: सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत: तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् !! इति श्रीनवनागनाम स्तोत्रं सम्पूर्णम् ।।

Comments (6)

ramesh kumar sahu
Jul 30, 2025
Om namah shivay

SHREE SHARMA
Jul 29, 2025
और भी अच्छी जानकारी है

SHREE SHARMA
Jul 29, 2025
धन्यवाद जी

SHREE SHARMA
Jul 29, 2025
धन्यवाद जी

Rama Devi Sahu
Jul 29, 2025
Bahut hi Sundar Massage 👌👌🙏

Rama Devi Sahu
Jul 29, 2025
Har Har Mahadev 🙏🌿🔱 Naag Panchami ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏
