
SHREE SHARMA
99 days ago
प्राचीन समय में सुंद और उपसुंद नाम के दो असुर भाई थे। दोनों में इतना प्रेम था कि वे कभी एक-दूसरे से अलग नहीं होते थे। उन्होंने कठोर तपस्या करके ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त किया कि उन्हें कोई देवता, दानव या मानव न मार सके।🙏 वरदान मिलते ही दोनों असुर अत्याचारी बन गए। उन्होंने स्वर्गलोक तक पर आक्रमण कर दिया। देवता भयभीत होकर ब्रह्माजी के पास पहुँचे और रक्षा की प्रार्थना करने लगे। तब ब्रह्माजी ने एक अद्भुत योजना बनाई। उन्होंने विश्वकर्मा को आदेश दिया कि संसार की सबसे सुंदर स्त्री की रचना की जाए। विश्वकर्मा ने समस्त सृष्टि के श्रेष्ठ गुणों और सौंदर्य के अंश लेकर एक दिव्य अप्सरा बनाई। उसका नाम रखा गया — तिलोत्तमा।🙏 तिलोत्तमा इतनी अद्भुत सुंदर थी कि देवता भी उसे देखकर मोहित हो गए। कहा जाता है कि जब वह भगवान शिव के सामने से गुज़री, तो उन्हें उसे देखने के लिए चारों दिशाओं में मुख प्रकट करने पड़े।🚩 ब्रह्माजी ने तिलोत्तमा को सुंद और उपसुंद के पास भेजा। जैसे ही दोनों असुरों ने उसे देखा, वे उसके प्रेम में पड़ गए। दोनों उसे अपनी पत्नी बनाना चाहते थे।🚩 धीरे-धीरे विवाद बढ़ा और वही भाई, जो कभी अलग नहीं होते थे, तिलोत्तमा के कारण एक-दूसरे के शत्रु बन गए। क्रोध में आकर दोनों ने युद्ध किया और अंततः एक-दूसरे का वध कर दिया।🙏 इस प्रकार तिलोत्तमा की रचना केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि अधर्म और अहंकार के विनाश के लिए हुई थी। यह कथा सिखाती है कि अहंकार और लालच सबसे मजबूत रिश्तों को भी नष्ट कर सकते हैं।🙏

Comments (3)

Riya Riya 💖💖
May 24, 2026
Radhe Radhe ji 🙏🌹

सविता
May 24, 2026
Radhe radhe 🌹🌹

बरखा शर्मा
May 24, 2026
🪷🪷🪷Jay shree radhe krishna ji 🌷🌷good morning 🪷🪷🪷
