
SHREE SHARMA
361 days ago
क्यों नहीं हो सका राधा कृष्ण का विवाह ? पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार भगवान विष्णु ने नारद जी की परीक्षा लेने के लिए अपनी माया से एक नगर का निर्माण किया। उस नगर के राजा ने अपनी रूपवती पुत्री के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। स्वयंवर में नारद मुनि भी पहुंचे। नारद जी कामदेव के वाणों से घायल थे अतः राजकुमारी को देखकर मोहित हो गए। राजकुमारी से विवाह की इच्छा लेकर वह भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उनसे उन्होंने भगवान विष्णु को पूरी बात से अवगत नहीं कराया और उनसे एक वरदान मांगने की इच्छा जताई। जिसको भगवान विष्णु ने स्वीकार कर लिया। नारद ने अपने को " हरि" जैसी छवि देने को कहा। शायद आप लोगों को ना पता हो हरि और हरी के दो मतलब होते हैं। हरि माने भगवान यानी स्वयं भगवान विष्णु और हरी का मतलब होता है वानर। नारद मुनि ने " हरिमुख" मांगा और नारायण ने "हरीमुख" दे दिया।विष्णु भगवान ने नारद को वानर का मुख दे दिया। जब नारद हरिमुख लेकर स्वयंवर में पहुंचे तो लोग के चेहरे पर कटाक्ष की मुस्कराहट थी और उस राजकुमारी ने विष्णु जी के गले में वर माला डाल दी ! नारद जी वहां से दु:खी होकर चले आ रहे थे मार्ग में उन्हें एक जलाशय दिखा जिसमें उन्होंने चेहरा देखा तो समझ गए कि विष्णु भगवान ने उनके साथ छल किया है और उन्हें वानर रूप दिया है। नारद जी क्रोधित होकर बैकुण्ठ पहुंचे। विष्णु भगवान को श्राप दिया कि, 'आपको भी प्राण प्रिया का वियोग सहना होगा'। नारद जी के इस श्राप की वजह से विष्णु जी के रामावतार में भगवान रामचन्द्र जी को सीता माता का वियोग सहना पड़ा था और उनके दूसरे कृष्णावतार में श्री राधा का वियोग सहना पड़ा। ! सर्वदेवमयी यज्ञेश्वरी गौमाता को नमन जय गौमाता की 🙏👏🌹🌲🌿🌹

Comments (3)

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Bahut hi Sundar Prasanga 👌👌 Dhanyawad....🌹🌹🌹🌹 Bhagwan Aap ko Hamesha Mangal Kare 🙏

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Jai Shree Krishna 🙏 Radhe Radhe 🙏 Subha Ratri Jii 🙏 Aap ka Ratri Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Sunil kumar Saini..
Sep 3, 2025
radhe radhe ji 🙏
