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बैसाखी के इस पावन पर्व पर गुरु गोबिंद सिंह जी का स्मरण करना बहुत गौरवपूर्ण है। सन् 1699 में बैसाखी के दिन ही उन्होंने आनंदपुर साहिब में **खालसा पंथ** की स्थापना की थी, जिसने भारतीय इतिहास की धारा बदल दी। यहाँ आपके लिए कुछ विशेष विचार और जानकारी दी गई है: ### गुरु गोबिंद सिंह जी और बैसाखी का महत्व * **खालसा सृजना:** गुरु जी ने 'पंज प्यारों' को अमृत छकाकर खालसा सजाया और अन्याय के विरुद्ध लड़ने के लिए एक नई शक्ति तैयार की। * **समानता का संदेश:** उन्होंने जाति-पाति के भेदभाव को खत्म कर "मानस की जात सबै एकै पहचानबो" का उपदेश दिया। * **संत-सिपाही:** उन्होंने सिखों को एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में तलवार (किरपान) थमाकर 'संत-सिपाही' बनाया। ### प्रेरणादायक पंक्तियाँ (Quotes) > **"सवा लाख से एक लड़ाऊँ, तभी गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।"** > **"देहि सिवा बरु मोहि इहै सुभ करमन ते कबहूँ न टरों।"** > *(हे ईश्वर, मुझे यह वरदान दें कि मैं कभी भी शुभ कर्मों को करने से पीछे न हटू।)* > ### बैसाखी के लिए शुभकामना संदेश * खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में हौं करौ निवास। बैसाखी की लख-लख बधाइयाँ! * वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। गुरु गोबिंद सिंह जी के आशीर्वाद से आपके जीवन में खुशहाली आए। * बैसाखी का यह पर्व आपके परिवार में नई ऊर्जा, अनुशासन और खुशियाँ लेकर आए। **हैप्पी बैसाखी!** क्या आप इस विषय पर अपने सोशल मीडिया के लिए कोई विशेष पोस्टर या स्क्रिप्ट तैयार करना चाहेंगे?

Comments (1)

Deepak Gupta

Deepak Gupta

Apr 11, 2026

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