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0️⃣7️⃣❗0️⃣7️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ *“श्रीराधा कृपा”* एक बार जब श्री राधारानी ने श्री सेवाकुञ्ज में रास में आने में बहुत देर लगा दी तब श्यामसुन्दर धीरता ना रख सके और उनके विरह में रोने लगे। जब राधा रानी रासमण्डल में पधारी तभी श्याम मान ठान कर बैठ गए। राधा रानी बोली–‘ललिते इन महाराज को क्या हुआ मुँह फुलाय काहे बैठे हैं।’ ललिता जी ने पूरी कथा सुना दी। राधा रानी मुस्कुराते हुए श्याम के चिबुक पर हाथ लगाया। जैसे ही लगाया श्याम के चिबुक पर ‘दाल-चावल’ लग गए। श्याम और मान ठान बैठे, बोले–‘एक तो देर से और अब हमारे मुख पर दाल भात लगाय सखियों से मज़ाक़ करवाओगी।’ राधा रानी मुस्कुरा के बोली–‘ललिते एक बात बताओ, यह सब जो बाबा लोग है और जितने भी भजनानंदी हैं यह सब अपना घरबार छोड़ ब्रज रज में भजन करने आवे, इन्हें यहाँ लाने वाला कौन है ?’ ललिताजी बोलीं–‘यही आपके श्यामसुन्दर तो।’ इसपर राधाजी बोलीं–‘ललिता क्या इनका कर्तव्य नहीं बनता के जो इनके नाम का पान करने घर छोड़ भजन करने वृन्दावन आए और इनके नाम कीर्तन करते हैं, तो इन्हें उनका ख्याल रखना चाहिए। अब आज इतनी घनघोर वर्षा हुई कि वृन्दावन के आज दस महात्मा कहीं मधुकरी करने ना जा सके, तब वो सोचे ‘जैसे ठाकुरजी की इच्छा’ और वे खाली पेट सोने लगे तभी मैं वहीं से गुजर रही थी रासमण्डल के लिए मैंने तभी जल्दी-जल्दी उन दस महात्माओं के लिए दाल भात बनायी और अपने हाथों से परोस आयी और कहा–‘बाबा मोहे मेरी मैया ने भेजा है, आप मधुकरी करने को ना-गए-ना। तभी मोहे देर हो गयी और जल्दी-जल्दी में अपने हाथ ना धो सकी तो हाथ में दालभात लगा ही रह गया।’ इस पर श्याम रोने लगे और चरण में पड़कर बोले–‘राधे! वैराग्य उत्पन्न करा घर बार छुड़ानौ तो मेरा काम है। परन्तु उन सब को प्रेम, दुलार, सम्मान और उनकी रक्षा करना उन्हें अपनी गोद में लेकर बार-बार कहना कृपा होगी, होगी, होगी, ‘मैं हूँ ना’ यह सब तो आप ही करना जानती हो..!!’ *🙏🙏🏿🙏🏾जय श्री कृष्ण*🙏🏼🙏🏻🙏🏽

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Comments (1)

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Jul 7, 2026

जय श्री राधे कृष्णा 🌹🙏