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श्री नवदुर्गा रक्षा कवच मार्कण्डेय पुराण के 'देवी कवच' का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भक्तों की सभी दिशाओं और शरीर के अंगों की रक्षा के लिए माता के नौ रूपों का आह्वान करता है। यहाँ इसका मुख्य अंश और अर्थ दिया गया है: प्रथमं शैलपुत्री च... (नौ रूपों का स्मरण) कवच के प्रारंभ में माँ के नौ रूपों का वंदन किया जाता है: * प्रथमं शैलपुत्री च - पहली शैलपुत्री। * द्वितीयं ब्रह्मचारिणी - दूसरी ब्रह्मचारिणी। * तृतीयं चन्द्रघण्टेति - तीसरी चन्द्रघंटा। * कुष्माण्डेति चतुर्थकम् - चौथी कुष्माण्डा। * पंचमं स्कन्दमातेति - पांचवीं स्कन्दमाता। * षष्ठं कात्यायनीति च - छठी कात्यायनी। * सप्तमं कालरात्रीति - सातवीं कालरात्रि। * अष्टमं महागौरीति - आठवीं महागौरी। * नवमं सिद्धिदात्री च - नौवीं सिद्धिदात्री। रक्षा के मुख्य मंत्र (शरीर की रक्षा) कवच में प्रार्थना की जाती है कि देवी के विभिन्न रूप हर अंग की रक्षा करें: * शिखायां मेन्द्रणी रक्षेत्: इन्द्राणी मेरी शिखा (सिर के बालों) की रक्षा करें। * उमे रक्षेन्मम शिरो: माँ उमा मेरे सिर की रक्षा करें। * ललाटं मालाधरी रक्षेत्: मालाधरी मेरे ललाट (माथे) की रक्षा करें। * यशस्विनी चक्षुषो: यशस्विनी देवी मेरी आँखों की रक्षा करें। * नासिकायां सुगन्धा च: सुगन्धा देवी मेरी नासिका (नाक) की रक्षा करें। * दन्तान्रक्षतु कौमारी: कुमारी देवी मेरे दांतों की रक्षा करें। * कण्ठमणीं च चित्रघण्टा: चित्रघण्टा मेरे गले की घंटी की रक्षा करें। दिशाओं से रक्षा * प्राच्यां रक्षतु ऐन्द्री: पूर्व दिशा में ऐन्द्री शक्ति रक्षा करें। * आग्नेय्यामग्निदेवता: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) कोण में अग्नि शक्ति रक्षा करें। * दक्षिणे पातु वाराही: दक्षिण दिशा में वाराही देवी रक्षा करें। * नैर्ऋत्यां खड्गधारिणी: दक्षिण-पश्चिम (नैर्ऋत्य) कोण में खड्गधारिणी रक्षा करें। * प्रतीच्यां वारुणी रक्षेत्: पश्चिम दिशा में वारुणी देवी रक्षा करें। * वायव्यां मृगवाहिनी: उत्तर-पश्चिम (वायव्य) कोण में मृगवाहिनी रक्षा करें। * उदीच्यां पातु कौमारी: उत्तर दिशा में कौमारी रक्षा करें। * ऐशान्यां शूलधारिणी: उत्तर-पूर्व (ईशान) कोण में शूलधारिणी रक्षा करें। महत्व और लाभ > "यन्मम विहितं देवि नमस्ते सुरेश्वरि।" > इस कवच का पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और हर प्रकार के भय (डर) से मुक्ति मिलती है। आध्यात्मिक रूप से इसे एक अभेद्य किले की तरह माना जाता है जो नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है।

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Mar 20, 2026

जय माता दी 🙏 बेहन जी शुभ रात्रि जी 🙏

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

Mar 20, 2026

🙏🌹🙏 Jai mata di 🙏🌹🙏 shubh ratri vandan bhaiya ji 🙏🙏