
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
212 days ago
🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞 ⛅दिनांक - 31 जनवरी 2026 ⛅दिन - शनिवार ⛅विक्रम संवत् - 2082 ⛅अयन - उत्तरायण ⛅ऋतु - शिशिर ⛅मास - माघ ⛅पक्ष - शुक्ल ⛅तिथि - त्रयोदशी सुबह 08:25 तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी प्रातः 05:52 फरवरी 01 तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा ⛅नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 01:34 फरवरी 01 तक तत्पश्चात् पुष्य ⛅योग - विष्कम्भ दोपहर 01:33 तक तत्पश्चात् प्रीति ⛅राहुकाल - सुबह 09:54 से सुबह 11:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅सूर्योदय - 07:07 ⛅सूर्यास्त - 06:14 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में ⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:24 से प्रातः 06:16 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:18 से दोपहर 01:03 तक(उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:14 फरवरी 01 से रात्रि 01:06 फरवरी 01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) 🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 03:27 से प्रातः 07:07 तक) 🌥️विशेष - चतुर्दशी को स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) 🔹स्वप्न में देशी गौवंश व गौ-उत्पादों के दर्शन से शुभ फल🔹 🔸स्वप्न में गौओं, उनसे प्राप्त दूध, दही आदि गव्यों तथा प्रसंगों, क्रियाओं के दर्शन से नीचे दिये अनुसार विभिन्न फल प्राप्त होते हैं । 🔸१] साँड अथवा गौ-दर्शन से कल्याण-लाभ, व्याधि-नाश, कुटुम्ब-वृद्धि होती है । सभी काली वस्तुओं का दर्शन निंद्ध माना जाता है जबकि काली गाय का दर्शन शुभ होता है । गौ के थन को चूसना भी श्रेष्ठ माना गया है । 🔸२] गौ का घर में ब्याना, बैल या साँड की सवारी करना, तालाब के बीच में घी-मिश्रित खीर का भोजन उत्तम माना गया है । घी सहित खर का भोजन तो राज्यप्राप्ति का सूचक माना गया है । 🔸३] स्वप्न में ताजे दुहे हुए फेनसहित दुग्ध का पान करनेवाले को अनेक भोगों की तथा दही के दर्शन से प्रसन्नता की प्राप्ति होती है । 🔸४] जो बैल अथवा साँड से युक्त रथ पर अकेला सवार होता है और उसी अवस्था में जाग जाता है उसे शीघ्र धन मिलता है । 🔸५] घी मिलने या दही खाने से यश की तथा दही मिलने से धन की प्राप्ति निश्चित है | इसी प्रकार यात्रा आरम्भ करते समय दही और दूध का दिखना शुभ शकुन माना गया है । 🔸६] दही-भात खाने से कार्यसिद्धि होती है तथा बैल पर चढ़ने से धन-लाभ होता है एवं व्याधि से छुटकारा मिलता है । 🔸स्वप्न में उपरोक्त अनुसार देशी गोवंश व गाय के दूध-दही आदि के दर्शनमात्र से यदि इतना फल मिल सकता है तो प्रत्यक्ष देशी गाय के दर्शन व सेवा से कितना महान फल मिलता होगा, आप सोच सकते हैं लेकिन जो भी सोचेंगे फल उससे कई-कई गुना अधिक ही होगा । ▬▬๑⁂❋⁂๑▬▬ 🚩जय श्री राम🚩 🚩धर्मो रक्षति रक्षितः 🇮🇳हिन्दू राष्ट्र भारत

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