
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
167 days ago
प्रश्न : पूजा के वक्त मन भटकता है। पूजा कर रहा होता हूं या जप कर रहा होता हूं, दिमाग कहीं और ही चल रहा होता है। मैं जप के वक्त दिमाग में उनकी तस्वीर बनाकर सोचता हूं। ये सब करने से सिर दर्द रहने लगा है। क्या करूं? 🙏 उत्तर : आपने बहुत ही सच्चा और महत्वपूर्ण सवाल पूछा है। यह समस्या हर उस साधक के साथ होती है जो पूजा-पाठ और नाम जाप करता है। आप अकेले नहीं हैं, लाखों लोगों के साथ ऐसा होता है। आइए इसे बहुत प्यार से और गहराई से समझते हैं — पहली बात — मन भटकना पाप नहीं है सबसे पहली बात यह समझ लीजिए कि पूजा के समय मन का भटकना कोई पाप नहीं है। यह मन की स्वाभाविक क्रिया है। मन का स्वभाव है भटकना, इधर-उधर दौड़ना। सालों से उसे आजादी मिली हुई है, वह जिधर चाहे उधर दौड़ता रहा है। अब अचानक आप उसे एक जगह बांधना चाहते हैं, तो वह भटकेगा ही। जैसे एक बच्चा जो सालों से खुला घूम रहा हो, अगर उसे एक जगह बैठा दिया जाए, तो वह बार-बार उठकर भागेगा। वैसे ही मन है। दूसरी बात — समस्या कहां से आती है? समस्या तब आती है जब हम सोचते हैं कि हम विशेष व्यक्ति हो गए हैं। हम पूजा करते हैं, इसलिए हमारा मन नहीं भटकना चाहिए। यह सोचना गलत है। जब हम ऐसा सोचते हैं, तो हम भक्ति की जगह मन को नियंत्रण करने में लग जाते हैं। हम लगातार यह सोचते रहते हैं कि मन क्यों भटक रहा है, मन को कैसे रोकें। इसका परिणाम यह होता है कि हम तनाव का शिकार हो जाते हैं। और यही तनाव सिर दर्द का कारण बनता है। तीसरी बात — क्या करें? अब बात करते हैं कि इस समस्या का समाधान क्या है — 🌺 प्राणायाम करें — पूजा या जाप शुरू करने से पहले 5-10 मिनट प्राणायाम जरूर करें। प्राणायाम से मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है। इससे मन के भटकने की संभावना कम हो जाती है। 🌺 शरीर को थकाएं — पूजा से पहले थोड़ा व्यायाम या टहलना भी फायदेमंद रहता है। जब शरीर थोड़ा थका होता है, तो मन जल्दी एकाग्र होता है। 🌺 मन भटके तो धीरे-धीरे वापस लाएं — जब भी मन भटके, तो उसके लिए परेशान न हों। बस धीरे-धीरे उसे वापस जाप या पूजा पर ले आएं। ऐसा बार-बार करें। धीरे-धीरे मन अपनी पुरानी आदत तोड़ेगा और पूजा में लगने लगेगा। 🌺 गिल्ट भाव न रखें — मन भटकने पर अपने आप को दोष न दें। यह मत सोचें कि मैं अच्छा भक्त नहीं हूं, मेरी पूजा सही नहीं हो रही। यह गिल्ट भाव और तनाव बढ़ाता है। चौथी बात — एक बहुत अच्छी बात याद रखें आप फिर भी उन लोगों से श्रेष्ठ हैं, जिनके मन में पूजा का भाव ही नहीं आया। आप पूजा कर रहे हैं, यही बहुत बड़ी बात है। आप प्रयास कर रहे हैं, यही बहुत महत्वपूर्ण है। मन भटकेगा, लेकिन आपका प्रयास जारी रहेगा। यही सच्ची भक्ति है। पाँचवीं बात — जबरजस्ती एकाग्रता का प्रयास ना करिये कल्पना का प्रयास ना करिये इससे तनाव होगा ही छठी बात — सिर दर्द के लिए उपाय 🌺 प्राणायाम नियमित करें, इससे सिर दर्द भी कम होगा। 🌺 पूजा के समय बहुत जोर लगाकर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश न करें। 🌺 अगर सिर दर्द बहुत हो, तो थोड़ा आराम करें, पानी पिएं। 🌺 डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। सातवीं बात — याद रखने वाली बातें 🌺 मन भटकना स्वाभाविक है, पाप नहीं। 🌺 प्राणायाम और शरीर की थकान जरूरी है। 🌺 मन भटके तो धीरे-धीरे वापस लाएं, जबरदस्ती न करें। 🌺 गिल्ट भाव न रखें। 🌺 आपका प्रयास ही सबसे बड़ी बात है। अंतिम बात तो आप बिल्कुल निश्चिंत हो जाइए। आप सही रास्ते पर हैं। मन भटकेगा, लेकिन आपका प्रयास जारी रहेगा। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। बस धैर्य रखें और अपने आप को दोष न दें। ॐ शांति 🙏 आप भी हमें अपना प्रश्न भेज सकते हैं। इसके लिए पेज को फॉलो करें और व्हाट्सएप चैनल का लिंक कमेंट में दिया गया है। वहां ज्वाइन हो जाएं और अपना सवाल पूछें। आपके सवाल का जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश की जाएगी। 🙏

Comments (2)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 16, 2026
जय श्री हरि विष्णु की जय 🙏

R k jangid phulera Jaipur
Mar 16, 2026
जय श्री हरि विष्णु की 🙏
