
SHREE SHARMA
268 days ago
🙏🌹दाने-दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम🌹🙏 (प्राणियों की सेवा ईश्वर की श्रेष्ठ आराधना है) यह कहानी एक सेठ जी की है जो बांके बिहारी के परम भक्त थे। उनका नियम था कि रोज़ स्वादिष्ट पकवान बनाकर मंदिर ले जाते थे, लेकिन रास्ते में उन्हें नींद आ जाती और पकवान चोरी हो जाते। सेठ जी बहुत दुखी होते और कान्हा से शिकायत करते, "हे प्रभु! मैं आपको भोग क्यों नहीं लगा पाता?" कान्हा मुस्कुरा कर कहते, "वत्स! दाने-दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम। वो मेरे नसीब में नहीं था, इसलिए मुझ तक नहीं पहुंचा।" सेठ जी को थोड़ी झुंझलाहट हुई और उन्होंने प्रेम भरे गुस्से में कहा, "ऐसा नहीं है प्रभु! कल मैं आपको भोग लगाकर ही रहूंगा, आप देख लेना!" अगली सुबह... सेठ जी ने बड़े उत्साह से चार डिब्बे भरकर स्वादिष्ट पकवान बनाए और संकल्प लेकर निकले कि आज तो कान्हा को भोग लगाना ही है। रास्ते में उन्हें एक भूखा बच्चा दिखाई दिया। 5-6 साल का वह बच्चा हड्डियों का ढाँचा मात्र रह गया था। सेठ जी का हृदय पसीज गया। उन्होंने एक लड्डू उसे दिया। देखते ही देखते वहां भूखे बच्चों की भीड़ लग गई। सेठ जी अपनी प्रतिज्ञा भूल गए और करुणावश सारे पकवान उन भूखे बच्चों में बांट दिए। खाली हाथ मंदिर पहुंचे सेठ जी दुखी मन से मूर्ति के सामने बैठ गए। तभी कान्हा प्रकट हुए और बोले, "लाओ सेठ! जल्दी मेरा भोग लाओ, मुझे बहुत भूख लगी है।" सेठ जी ने रोते हुए सारी बात बता दी। कान्हा फिर मुस्कुराए, "मैंने कहा था ना, दाने-दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम! जिसका नाम था, उसने खा लिया। तुम व्यर्थ चिंता करते हो।" सेठ जी बोले, "प्रभु, मैंने अहंकार किया था, लेकिन उन बच्चों की दशा मुझसे देखी नहीं गई।" अद्भुत दृश्य कान्हा बोले, "चलो मेरे साथ..." और वे सेठ जी को उसी जगह ले गए जहां उन्होंने बच्चों को खाना खिलाया था। वहां का दृश्य देखकर सेठ जी की आँखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला। उन्होंने देखा कि स्वयं बांके बिहारी लाल उन भूखे बच्चों के बीच बैठकर खाने के लिए लड़-झगड़ रहे थे! कान्हा ने कहा, "वो पहला बच्चा मैं ही था। मैं हर जीव में हूँ। तुमने जिसे भोजन दिया, वह मुझे ही प्राप्त हुआ। अगर तुम्हें लगे कि तुम कोई काम किसी विशेष के लिए कर रहे हो और वो दूसरे के लिए हो जाए, तो उसे मेरी ही इच्छा समझना।" सेठ जी कान्हा के चरणों में गिर पड़े। जाते-जाते प्रभु ने हंसते हुए कहा, "लेकिन कल मेरा भोग मुझे ही देना, दूसरों को नहीं!" और दोनों हंस पड़े। सार: प्रभु हर जीव में बसते हैं। किसी भूखे को भोजन कराना, साक्षात् ईश्वर को भोग लगाने के समान है। ।। जय श्री राधे कृष्ण ।।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Dec 5, 2025
Good 😊 Afternoon ❤️🌹❤️

Rama Devi Sahu
Dec 5, 2025
Bahut hi Sundar Adhyatmik Prasanga 👌👌🙏 Jai Siya Ram 🙏 Jai Shree Krishna 🙏🌹🌹
