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*🦚ॐ नमश्चण्डिकायै 🦚* *"माया का भ्रम"* 〰️〰️〰️🐂🐂〰️〰️〰️ *🌞जो अपना है हि नहीं उसे अपना समझना ही भ्रम कहलाता है। माया के प्रभाव के कारण ही जीव को अपने परम हितैषी प्रभु भी पराये लगने लगते हैं। यह जानने के बाद भी कि सब कुछ यहीं छूट जाना है, कुछ भी साथ नहीं जाने वाला फिर भी मनुष्य मूढ़ों की तरह धन, संपत्ति, पद इत्यादि के पीछे पड़कर जीवन व्यर्थ गँवा रहा है। माया ही जीव को सदैव भ्रम में रखती है।* *🌞माया ऐसी जादूगरनी है, कि कई-कई बार धोखा खाया जीव भी पुनः इसके जाल में फँस ही जाता है। सत्संग के आश्रय से ही अंतः चक्षु खुल सकते हैं और जीव के अंतः चक्षुओं से ही भ्रम का पर्दा हट सकता है। माया के ज्यादा चिंतन के कारण ही जीव दुःख पा रहा है। माया नहीं मायापति का आश्रय करो व लक्ष्मी नहीं, लक्ष्मी-नारायण के दास बनो, तो ये लोक और परलोक दोनों सुधर जायेंगे-..!!!* *🌻 जय माता दी 🌻🙏*

Comments (2)

Radhe Radhe null

Radhe Radhe

Sep 14, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏

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Radhe Radhe

Sep 14, 2025

🌹🌹 14 सितंबर 2025 । पितृ पक्ष _अष्टमी श्राद्ध।। एवं हिंदी दिवस की *हार्दिक* शुभकामनाएं ‌‌!!जी भाई जी!!🌹🌹