
SHREE SHARMA
455 days ago
मूक होइ बाचाल पंगु चढ़इ गिरिबर गहन। जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलिमल दहन॥ जिनकी कृपा से गूँगा बोलने लग जाता है और लँगड़ा भी दुर्गम पहाड़ों पर चढ़ जाता है, कलियुग में सभी पापों को जला डालने वाले दयालु भगवान मुझ पर दया करें.. जय सियाराम 🙏

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
