
SHREE SHARMA
403 days ago
तुलसी सो नर चतुर है, राम भजन लवलीन परधन परमन हरण को, वैश्या भी परवीन गोस्वामी जी कहते है कि वास्तव में चतुर वही है जो भजन कर ले, अपने भाव को शुद्ध बना ले, अपनी आदत अच्छी बना ले, यदि भीतर के भाव को गंदा कर ले और बाहर से वाहवाही ले ले, धन का संग्रह कर लें तो ऐसा करने में वैश्या भी प्रवीण होती है.. जय सियाराम 🙏

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