
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
213 days ago
*🌿 प्रकृति के तीन गुण 🌿* {तमोगुण- रजोगुण- सतोगुण} आपका जीवन किस दिशा में जाएगा, यह आपकी किस्मत से कम और आपकी संगति से ज़्यादा तय होता है। क्योंकि आप जिन लोगों के साथ रहते हैं, धीरे-धीरे उनकी सोच, आदतें और ऊर्जा आपके भीतर उतरने लगती हैं। *इसीलिए गीता ने मनुष्यों को तीन गुणों में समझाया है — और हर गुण आपकी सोच, व्यवहार और भविष्य को प्रभावित करता है। 1. तमोगुण — जो आपको नीचे खींचता है। तमोगुण का मतलब है अंधकार, आलस्य और नकारात्मकता। ऐसे लोग — ~हर समय शिकायत करते हैं, हर बात का दोष दूसरों पर डालते हैं, आलसी रहते हैं, जिम्मेदारी से बचते हैं, हर समस्या में केवल रोते हैं, समाधान नहीं खोजते, दूसरों की बुराई और आलोचना में आनंद लेते हैं —इनके साथ रहेंगे तो जीवन भारी, निराश और रुक जाएगा। सपने छोटे हो जाते हैं, हिम्मत कमजोर हो जाती है। 2. रजोगुण — जो दौड़ाता है, पर बेचैन रखता है। रजोगुण का मतलब है महत्वाकांक्षा, दौड़ और लालसा। ऐसे लोग — ~सफल होना चाहते हैं, पैसे, पद और पहचान के पीछे भागते हैं, मेहनती होते हैं, पर अक्सर बेचैन रहते हैं, तुलना करते हैं — “उसके पास ज्यादा क्यों है?” जल्दी गुस्सा, ईर्ष्या और तनाव में आ जाते हैं —ये आगे तो बढ़ाते हैं, लेकिन मन को शांति नहीं देते। इनके साथ जीवन तेज़ होता है पर कभी-कभी तनाव से भरा रहता है। 3. सत्त्वगुण — जो जीवन को ऊँचा उठाता है। सत्त्वगुण का मतलब है शांति, संतुलन और समझदारी। ऐसे लोग — ~जिम्मेदारी लेते हैं, दोष नहीं देते, समस्या आए तो समाधान ढूंढते हैं, कृतज्ञ रहते हैं, हर बात में अच्छाई देखते हैं, शांत, सकारात्मक और प्रेरणादायक होते हैं —कहते हैं — “मेरे जीवन की ज़िम्मेदारी मेरी है।” इनकी संगति जीवन को ऊँचा, हल्का और प्रकाशमय बनाती है। तो सही दोस्त किस गुण का होना चाहिए? वह जो आपको — ~बेहतर इंसान बनाए, शिकायत नहीं, समाधान सिखाए, डर नहीं, आत्मविश्वास दे, नकारात्मकता नहीं, ऊर्जा दे, नीचे नहीं, ऊपर उठाए। आज खुद से ईमानदारी से पूछिए मैं किन लोगों के साथ ज़्यादा समय बिताता हूँ? मेरी संगति मुझे आगे बढ़ा रही है या धीरे-धीरे गिरा रही है? क्योंकि जीवन का नियम साफ़ है — जैसी संगति, वैसी सोच। जैसी सोच, वैसा जीवन और जैसे दोस्त, वैसा भविष्य। *स्वस्थ व प्रसन्न रहिए* *आप सभी को सुप्रभात💐* 🕉️ *जयश्री राधेकृष्णा*

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