
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
53 days ago
*🌹आप भी मंदिर से लौटते समय बजाते हैं घंटी? हो जाएं सावधान, न करें ऐसा, जानें इसका कारण और महत्व🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕हर सनातन धर्म के मंदिर में घंटी लगाई जाती है. जो भी भक्तगण मंदिर में प्रवेश करता है, इस घंटी को बजाकर भगवान को प्रणाम करता है, लेकिन मंदिर से लौटते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए. इसके पीछे की वजह जानने के लिए पढ़ें ये पूरा लेख.* *हिंदू रीति-रिवाज में पूजा-पाठ को लेकर बहुत सारी मान्यताएं हैं, जिनका पालन आज भी हम सभी करते हैं. इन्हीं में से एक नियम है मंदिर में घंटी बजाना. हर हिंदू मंदिर में घंटी होती है और जब भी हम मंदिर जाते हैं और वहां से लौटते हैं तो घंटी जरूर बजाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर से लौटते समय कभी घंटी नहीं बजाना चाहिए. बहुत से लोगों को ये नहीं पता होता है कि लौटते वक्त घंटी क्यों नहीं बजाना चाहिए.* *⚜️मंदिर में प्रवेश करते समय क्यों बजानी चाहिए घंटी* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* सनातन धर्म में प्राचीन काल से पूजा पाठ को महत्व दिया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब हम मंदिर में प्रवेश करते हुए घंटी बजाते हैं तो ऐसा माना जाता है कि हमारे शरीर की पूरी नकारात्मक ऊर्जा घंटे की ध्वनि से नष्ट हो जाती है और साथ ही लोगों के सुख-समृद्धि के द्वार भी खुल जाते हैं. ये भी कहा जाता है कि घंटे की ध्वनि भगवान को अति प्रिय लगती है. घंटी बजाकर भक्त भगवान से मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मांगते हैं और देवी-देवताओं का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित करते हैं और फिर उसके बाद उनकी पूजा-अर्चना करते है. घंटे की ध्वनि से शरीर और आसपास के वातावरण के जीवाणु विषाणु सब नष्ट हो जाते हैं, जिससे मंदिर और उसके आसपास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है. *⚜️क्यों नहीं बजाना चाहिए लौटते समय घंटी* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* पुराणों में बताया गया है कि जब हम मंदिर जाते हैं तो हमारे मन में तमाम तरह के विचार चल रहे होते हैं, साथ ही नकारात्मक विचार भी आते रहते हैं. जो मंदिर में प्रवेश करने के बाद घंटी बजाते ही नष्ट हो जाते हैं. शंख, घंटी और घंटे की दैवीय ध्वनि शरीर से सारी नकारात्मक ऊर्जा और सोच को दूर करता है. फिर हम मंदिर में देवी देवता के दर्शन करते हैं, तो हमारे मन में सकारात्मक ऊर्जा और सोच का प्रवाह होने लगता है. इसके बाद हम प्रेम भाव से भक्ति-भजन करके लौटते हैं, और फिर घंटी बजाते हैं तो सब सकारात्मक ऊर्जा घंटे के स्वर से भ्रमित होकर नष्ट हो जाती है. इसलिए सकारात्मक ऊर्जा को बचाए रखने के लिए मंदिर से लौटते वक्त घंटी नहीं बजना चाहिए. *🪔मंदिर में घंटे का क्या महत्व है?* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में लगे घंटे को लेकर यह मान्यता है कि जब सृष्टि का आरंभ हुआ था तब जो स्वर गूंजा थी वह घंटी की ध्वनि थी. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि घंटी बजाने से ओंमकार मंत्र का उच्चारण पूर्ण होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घंटी बजाने से मूर्तियों में चैतन्य जागृत होता है और पूजा अर्चना का प्रभाव बढ़ता है. *🚩#राम_राम_जी🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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