
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
202 days ago
ॐ मृत्युंजयाय रुद्राय नीलकंठाय शंभवे। 🙏🏼🔱 अमृत्युंजय महादेव की जय! 🙏🏼🔱 महादेव के इस पावन मंत्र का स्मरण ही मन को अपार शांति और शक्ति देता है। यह मंत्र भगवान शिव के उस स्वरूप को समर्पित है जो काल के भी काल हैं—महाकाल। यहाँ इस मंत्र का भावार्थ है: * मृत्युंजयाय: जिन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त की है। * रुद्राय: जो दुखों का नाश करने वाले उग्र स्वरूप हैं। * नीलकंठाय: जिन्होंने सृष्टि की रक्षा हेतु हलाहल विष पीकर अपने कंठ को नीला कर लिया। * शंभवे: जो आनंद के स्रोत हैं और सबका कल्याण करते हैं। शिव की कृपा आप पर सदा बनी रहे। शुभ दुपहर जी हर हर महादेव 🙏
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