
SHREE SHARMA
353 days ago
एक पिता के बिपुल कुमारा, होहिं पृथक गुन शीला अचारा। कोउ पंडित कोउ तापस ज्ञाता, कोउ धनवंत वीर कोउ दाता॥ अर्थ : प्रभु श्री रामचंद्र जी बोले- एक ही पिता के बहुत से पुत्र होते हैं परंतु गुण और सील तथा आचरण में भिन्न भिन्न होते हैं। उनमें कोई पंडित, कोई तपस्वी, कोई ज्ञानी, कोई धनवान, कोई वीर और कोई दानी होता है।⚜️🙏

Comments (2)

Shri om Sharma
Sep 13, 2025
सुप्रभातम जी 🌅 जय श्री राम जी 🙏🙏 जय हनुमान जी 🙏🙏

Saumya Sharma
Sep 11, 2025
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏🌹😊 जय श्री लक्ष्मीनारायण जी 🙏🌹😊 शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन भैया जी 🙏🌹😊 हरि पूर्ण परमात्मा, हरि अंतर्यामी, जगतपिता, जगदीश्वर, हरि सबके स्वामी 🙏🌹😊 श्री हरि विष्णु जी और विष्णुप्रिया लक्ष्मी जी की कृपा से आप स्वस्थ रहें, समृद्ध रहें और खुशहाल रहें 🙏🌹😊
