
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
46 days ago
*"थकान = मेहनत की निशानी"* *"सुबह का उत्साह = बड़े सपने की निशानी"* जब लक्ष्य छोटे होते हैं तो मन कहता है _"चलो कल कर लेंगे"_। और जब लक्ष्य बड़े होते हैं तो रात को नींद आते-आते भी दिमाग में प्लान चलते रहते हैं, और सुबह अलार्म से पहले ही आंख खुल जाती है। *3 सवाल खुद से पूछिए आज रात:* 1. *क्या मेरा लक्ष्य मुझे डराता भी है?* - अगर नहीं, तो वो छोटा है 2. *क्या मैं इसके लिए आज कुछ एक्स्ट्रा कर रहा हूं?* - अगर नहीं, तो ये सिर्फ इच्छा है 3. *क्या सुबह उठते ही इसे करने का मन करता है?* - अगर नहीं, तो दिशा बदलिए *भगवद गीता में भी है:* _"उद्धरेदात्मनात्मानम्"_ - अपने आप को खुद ऊपर उठाओ। छोटे लक्ष्य आराम देते हैं, बड़े लक्ष्य पहचान देते हैं। आपका इस समय का सबसे बड़ा लक्ष्य क्या है? उसे और बड़ा करने के बारे में सोचें 😊 शुभ रात्रि। कल धमाकेदार शुरुआत के साथ मिलते हैं 🙏

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