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30.10.2026 कुछ लोग छोटी-छोटी बात में निराश हो जाते हैं, उदास हो जाते हैं। *"ऐसा करना ठीक नहीं है।"* यह जीवन है। जीवन में सुख और दुख दोनों आते हैं। *"कभी अनुकूलता और कभी प्रतिकूलता, कभी सफलता और कभी असफलता, यह तो संसार का नियम ही है। यहां किसी को भी सारे सुख नहीं मिलते। इसलिए छोटी-छोटी असफलताओं में निराश न हों, आशा बनाए रखें।"* आशा में इतनी शक्ति होती है कि *"आशावादी व्यक्ति, ईमानदारी बुद्धिमत्ता पुरुषार्थ ईश्वर की कृपा और समाज के सहयोग से कठिन से कठिन कार्य को भी सरल बना लेता है। कभी-कभी तो असंभव जैसा दिखने वाला कार्य भी संभव हो जाता है।"* *"इसलिए आशा को कभी ना छोड़ें। आशा बनाए रखें और पूर्ण पुरुषार्थ करते हुए अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करते रहें। आपका जीवन सुखमय बनेगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"*

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