
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
276 days ago
हृदय में , मस्तिष्क में हर रंग में , सुगंध में सूर्योदय के स्वर्ण में चहूँ ओर दिग दिगांत में हर स्वास के स्पन्दन में मेरी लेखनी के हर छन्द में कृष्ण है , कृष्ण है कृष्ण ही है आदि में अंत में 🙏🏻श्री कृष्ण शरणम मम:🙏🏻 *🙏🏻 जय श्री कृष्ण 🙏🏻*

Comments (1)

Sanjay Ahlawat
Nov 27, 2025
nice very nice very nice post
