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अफ्रीका का कांगो बेसिन (Congo Basin) दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वर्षावन (Rainforest) है। इसे अक्सर 'अंधेरे का दिल' (Heart of Darkness) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ के कई हिस्से आज भी इंसानी पहुंच से दूर और रहस्यमयी बने हुए हैं। लोग यहाँ जाने से क्यों कतराते हैं, इसके कुछ मुख्य कारण यहाँ दिए गए हैं: 1. 'नर्क का द्वार' और दुर्गम रास्ता कांगो का जंगल इतना घना है कि इसके कुछ हिस्सों में सूरज की रोशनी ज़मीन तक कभी नहीं पहुँचती। यहाँ कोई पक्की सड़कें नहीं हैं। ज़हरीले दलदल, विशाल नदियाँ और घने पेड़ इसे एक भूलभुलैया बना देते हैं, जहाँ रास्ता भटकने का मतलब निश्चित मौत माना जाता है। 2. खतरनाक वन्यजीव यहाँ ऐसे जीव पाए जाते हैं जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलते: * अफ़्रीकी हाथी और गोरिल्ला: यहाँ के 'लोलैंड गोरिल्ला' और जंगली हाथी बेहद आक्रामक हो सकते हैं। * कातिल सांप और कीड़े: दुनिया के सबसे ज़हरीले सांप जैसे 'ब्लैक माम्बा' और जानलेवा बीमारियाँ फैलाने वाली 'त्से-त्से' मक्खियाँ यहाँ आम हैं। 3. 'मोकेले-म्बेंबे' का रहस्य (Mokele-mbembe) स्थानीय लोककथाओं और कुछ खोजकर्ताओं के अनुसार, इस जंगल की 'लीकुआला' (Likouala) दलदल में मोकेले-म्बेंबे नाम का एक विशाल जीव रहता है। कहा जाता है कि यह दिखने में किसी डायनासोर (Saurischian) जैसा है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन इसकी कहानियाँ पर्यटकों और वैज्ञानिकों को डराने के लिए काफी हैं। 4. अदृश्य बीमारियाँ कांगो का जंगल इबोला (Ebola) और मंकीपॉक्स जैसे खतरनाक वायरसों का घर माना जाता है। चिकित्सा सुविधाओं की कमी और गर्म-नम वातावरण के कारण यहाँ छोटी सी बीमारी भी जानलेवा साबित होती है। 5. गृहयुद्ध और अशांति जंगल के रहस्यों के अलावा, कांगो के कुछ हिस्सों में दशकों से चल रहे सशस्त्र विद्रोह और गृहयुद्ध की स्थिति रहती है। यहाँ विद्रोही गुट सक्रिय रहते हैं, जिससे विदेशी यात्रियों के लिए सुरक्षा का बहुत बड़ा खतरा बना रहता है।

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