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जगत जननी गौ माता की सदा ही जय हो 🙏🇮🇳🐄 *1. यदि भविष्य में खेती और स्वास्थ्य को बचाना है, तो गाय की शरण में जाना ही होगा* आज केमिकल वाली खेती और मिलावटी खाने ने शरीर और जमीन दोनों को बीमार कर दिया है। गौ माता का गोबर, गोमूत्र और पंचगव्य ही धरती को फिर से उर्वर और शरीर को निरोग बना सकता है। *2. एक समय था जब लोग शहर की ओर जाते थे, अब समय आएगा लोग गाँव की ओर जाएंगे, गाय को पालेंगे* शहर की भागदौड़, प्रदूषण और तनाव से थक कर इंसान फिर से गाँव, शुद्ध हवा, शुद्ध दूध और आत्म-निर्भर जीवन की ओर लौटेगा। और उस जीवन का केंद्र फिर से गौशाला ही होगी। *3. वह स्थान जहाँ गौमाता बैठती है पवित्र बन जाता है* शास्त्र कहते हैं जहाँ गाय बैठती है, वहाँ के नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है। उसकी सांसों से वातावरण शुद्ध होता है। *4. गोबर में परमाणु विकिरण और आकाशीय बिजली को रोकने की क्षमता होती है* इसीलिए हमारे ऋषियों ने घरों को गोबर से लीपने और रसोई में गोबर के कंडे जलाने की परम्परा बनाई। ये एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। *5. गाय के चरणों की धूल को शास्त्रों में बहुत पवित्र माना गया है - गोधूलि* गोधूलि बेला को सबसे शुभ माना जाता है। गाय के खुर से उड़ने वाली धूल में जाने कितनी बीमारियों को हरने की शक्ति है। *6. पृथ्वी चार स्तंभों पर टिकी है, शास्त्रों में सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ गाय को माना गया है* धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष या गाय, वेद, ब्राह्मण, सत्य - गाय के बिना ये सृष्टि का संतुलन ही नहीं बच सकता। *7. ऊर्जा का खजाना गाय है, चिकित्सा का खजाना गाय है, कृषि का खजाना गाय है* *ऊर्जा, चिकित्सा, कृषि, संस्कृति, राष्ट्र - सबका मूल गौ माता ही है।* इसीलिए कहा गया है - > *गौ माता राष्ट्रमाता* > *गौ माता की रक्षा - हमारी संस्कृति, हमारी पहचान* जय गौ माता, जय गोपाल 🙏 गौ परिवार भारत - भारतीय गौ क्रांति मंच का यह संकल्प बहुत ही पुण्य का कार्य है।

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