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सूर्य देव को जल अर्पित करते समय इन सूर्य मंत्रों का जाप करें: “ॐ सूर्याय नमः” “ॐ घ्राणी सूर्याय नमः” इससे आपकी हर मनोकामना पूरी होगी और स्वास्थ्य में भी सुधर होगा। सूर्य देव को जल अर्पित करते समय (अर्घ्य देते समय) इन मंत्रों का जाप करने से मिलने वाले लाभों को और स्पष्ट करने के लिए यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं: ### सूर्य अर्घ्य और मंत्र जप के लाभ * **ऊर्जा और सकारात्मकता:** सूर्य को ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना गया है। नियमित अर्घ्य देने से व्यक्ति के भीतर आत्म-विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। * **स्वास्थ्य में सुधार:** ज्योतिष और आयुर्वेद के अनुसार, सूर्य की किरणों और जल के माध्यम से अर्घ्य देने से आंखों की रोशनी, त्वचा संबंधी रोगों में लाभ और शारीरिक ओज (तेज) की वृद्धि होती है। * **मानसिक शांति:** सूर्य देव को जल अर्पित करना एक प्रकार का ध्यान (Meditation) है, जो मन को एकाग्र और शांत करने में मदद करता है। * **अनुशासन:** यह दैनिक क्रिया जीवन में अनुशासन और नियमितता का भाव लाती है। ### अर्घ्य देने की विधि (संक्षिप्त) यदि आप इसे और अधिक प्रभावी बनाना चाहते हैं, तो इन छोटी बातों का ध्यान रख सकते हैं: 1. **समय:** सूर्योदय के समय या सूर्योदय के एक घंटे के भीतर जल देना सबसे उत्तम माना जाता है। 2. **पात्र:** तांबे के लोटे का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि तांबा सूर्य का धातु माना गया है। 3. **जल की सामग्री:** लोटे में शुद्ध जल के साथ थोड़ा सा अक्षत (चावल), लाल फूल (यदि उपलब्ध हो) और रोली डालना शुभ माना जाता है। 4. **दिशा:** पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें। 5. **जल की धारा:** जल की धारा इतनी पतली रखें कि आप जल की धारा से सूर्य को देख सकें (इससे सूर्य की किरणें जल के माध्यम से आप पर पड़ती हैं)। **विशेष ध्यान दें:** जल अर्पित करते समय ध्यान रखें कि पैरों में जल न गिरे। इसके लिए आप किसी गमले या बड़े पात्र का उपयोग कर सकते हैं ताकि जल का अनादर न हो।

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Comments (5)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 5, 2026

निस्वार्थ उपकार करना संस्कार है, उस उपकार का आभार मानना शिष्टाचार... *🌻आप स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें 🌻*

सविता

सविता

Jul 5, 2026

भगवान प्रेम हैं और जहाँ प्रेम है, वही ईश्वर का वास है。 निस्वार्थ भाव से की गई प्रार्थना और दयालुता ही सबसे बड़ा धर्म है。

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Jul 5, 2026

🌹 ऊं घृणि सूर्य नमः 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹

chandrkant  upadhyay

chandrkant upadhyay

Jul 5, 2026

घृणि सूर्याय नमः

chandrkant  upadhyay

chandrkant upadhyay

Jul 5, 2026

घृणि सूर्याय नमः