
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
251 days ago
*अमृत कलश* *"पुरुषार्थी भी बनिये"* 〰️〰️〰️🐂🐂〰️〰️〰️ *🌞कर्म रूपी प्रयास और भगवद् कृपा रूपी प्रसाद का संतुलन ही जीवन की परिपक्वता एवं श्रेष्ठता है। प्रभु कृपा के बल पर किये गये कर्म का परिणाम जीवन को कभी निराश और हताश नहीं होने देगा। जीवन में जो लोग केवल पुरुषार्थ पर विश्वास रखते हैं प्रायः उनमें परिणाम के प्रति असंतोष बना रहता है और जो लोग केवल भाग्य पर विश्वास रखते हैं, उनके अकर्मण्य होने की सम्भावना भी बनी रहती है।* *🌞जीवन में पुरुषार्थ भी आवश्यक है क्योंकि पुरुषार्थ के अभाव में आप केवल भाग्य के भरोसे बैठकर अकर्मण्यता की स्थिति में जीवन प्रगति का अवसर ही चूक जाओगे। पुरुषार्थ के साथ-साथ अपने जीवन में भाग्य को भी स्थान दीजिए ताकि पुरुषार्थ करने के बावजूद मनोवांछित फल की प्राप्ति न होने पर भी आप उद्विग्नता से ऊपर उठकर संतोष और प्रसन्नता में जी सकें। पुरुषार्थी बनो और प्रतिफल में जो प्राप्त हो फिर उसे भाग्य समझकर प्रेमपूर्वक स्वीकार करना सीखो-..!!!* *🌺 जय माता दी 🌺🙏*
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