
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
351 days ago
*"दर्द" तो वही देते हैं जिन्हें आप अपना होने का हक देते हैं क्योंकि गैर तो हल्का सा धक्का लगने पर भी माफी मांग लेते हैं "ईश्वर"की लिखी हर कहानी अलग है उसका बनाया हर इंसान अलग है सहायता करने वालों का साथ मत छोड़ो साथ देने वाले का हाथ कभी मत छोड़ो निस्वार्थ भाव से की गई प्रार्थना ईश्वर तक पहुंच जाती है"ईश्वर" के किसी न किसी रूप में दर्शन हो जाते हैं मानव जीवन रूपी पत्थर में "परमात्मा"की मूरत छिपी है इसे देखने के लिए स्वयं "शिल्पकार" बनना पड़ेगा* *💫🌹 राधे राधे 🌹💫* *💫🌹 शुभ प्रभात 🌹💫*
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