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SHREE SHARMA

379 days ago

#बालग्रहरक्षास्तोत्रम् {हिन्दी अर्थ सहित} 🍁आदाय कृष्णं सन्त्रस्ता यशोदापि द्विजोत्तम। गोपुच्छं भ्राम्य हस्तेन बालदोषमपाकरोत् ॥ १॥ 🍁गोकरीषमुपादाय नन्दगोपोऽपि मस्तके । कृष्णस्य प्रददौ रक्षाङ्कुर्वित्येतदुदीरयन् ॥ २॥ 🍁रक्षतु त्वामशेषाणां भूतानां प्रभवो हरिः । यस्य नाभिसमुद्भूतपङ्कजादभवज्जगत् ॥ ३॥ 🍁येन दंष्ट्राग्रविधृता धारयत्यवनी जगत् । वराहरूपधृग्देवस्स त्वां रक्षतु केशवः ॥ ४॥ 🍁नखाङ्कुरविनिर्भिन्नवैरिवक्षःस्थलो विभुः । नृसिंहरूपी सर्वत्र रक्षतु त्वां जनार्दनः ॥ ५॥ 🍁वामनो रक्षतु सदा भवन्तं यः क्षणादभूत् । त्रिविक्रमः क्रमाक्रान्तत्रैलोक्यः स्फुरदायुधः ।६ 🍁शिरस्ते पातु गोर्विदः कठं रक्षतु केशवः । गुह्यं सत्त्वतरं विष्णुर्जघे पादौ जनार्दनः ॥ ७॥ 🍁मुखश्चादूडबाहूच मनस्सर्वेन्द्रियाणि च । रक्षत्वव्याहतैश्वर्यस्तव नारायणोऽव्ययः ॥ ८॥ 🍁शङ्खचक्रगदापाणेश्शङ्खनादहताः क्षयम् । गच्छन्तु प्रेतकूष्माण्डराक्षसा ये तवाहिताः ॥ ९॥ 🍁त्वां पातु दिक्षु वैकुण्ठो विदिक्षु मधुसूदनः । हृषीकेशोऽम्बरे भूमौ रक्षतु त्वां महीधरः ॥ १०॥ 🍁एवं कृतस्वस्त्ययनो नन्दगोपेन बालकः । शायितश्शकटस्याधो बालपर्यङ्किकातले ॥ ११॥ 🍁वनमाली गदी शार्ङ्गी शङ्खी चक्री च नन्दकी । श्रीमन्नारायणो विष्णुर्वासुदेवोऽभिरक्षतु ॥ १२॥ हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! भयभीत यशोदा ने अपने नन्हे कृष्ण को गोद में उठाकर, गाय की पूँछ को हाथ से घुमाया और बालक के सभी दोष व संकट को दूर किया। नन्द बाबा ने गाय का गोबर लेकर कृष्ण के सिर पर लगाया और यह कहते हुए उसकी रक्षा की कि "मैं अपने लाला को सुरक्षित कर रहा हूँ।" वह भगवान हरि, जिनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ और जिससे यह सारा जगत बना, वे तुम्हारी सभी भूत-प्रेत आदि से रक्षा करें। केशव ने वराह रूप धारण कर अपनी दाढ़ों पर पृथ्वी को उठाया, वही भगवान तुम्हारी रक्षा करें। जो भगवान नृसिंह अपने नखों से हिरण्यकशिपु का वक्ष फाड़ने वाले हैं, वे सर्वव्यापी जनार्दन तुम्हारी हर दिशा में रक्षा करें। वामन रूपी भगवान, जिन्होंने तीन पगों में तीनों लोक नाप लिये, वे तुम्हारे सिर की रक्षा करें। विष्णु तुम्हारे गुप्त अंगों की और जनार्दन तुम्हारे पैरों की रक्षा करें। तुम्हारे मुख, बाँहें, मन और सभी इन्द्रियों की रक्षा अविनाशी नारायण करें, ताकि तुम्हारा ऐश्वर्य अक्षुण्ण रहे। शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले भगवान के शंख-नाद से भयभीत होकर, सभी प्रेत, कूष्माण्ड और राक्षस, जो तुम्हें हानि पहुँचाना चाहें, नष्ट हो जाएँ। वैकुण्ठपति चारों दिशाओं में, मधुसूदन विदिशाओं में, आकाश में हृषीकेश और पृथ्वी पर तुम्हारी रक्षा पर्वतरूप भगवान करें। इस प्रकार नन्द गोप ने बालक का स्वस्त्ययन (रक्षा संस्कार) करके, उसे शकट (गाड़ी) के नीचे बिस्तर पर सुलाया। वनमाला धारण करने वाले, गदा, धनुष, शंख, चक्र और तलवार के स्वामी श्रीमन्नारायण, विष्णु, वासुदेव तुम्हारी रक्षा करें। इति बालग्रहरक्षास्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

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Comments (4)

SHREE SHARMA

SHREE SHARMA

Aug 16, 2025

धन्यवाद दीदी

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Aug 16, 2025

श्री कृष्णाय, श्री वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेशनाशाय श्री गोविंदाय नमो नमः 🙏🌹🙏 जय श्री कृष्ण 🙏 आपको श्री कृष्ण जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई और अनेकानेक शुभकामनाएं 🙏🌹😊 आप सपरिवार सदैव ही स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏🌹😊

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 16, 2025

🙏‼️ Om Shree Parmatmane Namaha ‼️🙏 Aap ko Shree Krishna Janmashtami ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏🌹🌹