
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
5 days ago
*-: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मुख्य "सरस्वती पूजा शनिवार, 17 अक्टूबर" 2026 को मनाई जाएगी :-* *-: 17 अक्टूबर 2026: सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त :-* *• पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र पूजा मुहूर्त:* दोपहर 03:32 बजे से शाम 05:49 बजे तक (अलग-अलग पंचांग के अनुसार यह समय दोपहर 03:54 बजे से शाम 06:14 बजे के बीच भी माना गया है). *• प्रमुख पूजा का समय (प्रातः कालीन):* सुबह 06:22 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक. ▪️शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए भी विशेष महत्व रखता है। ▪️नवरात्रि के दौरान होने वाली सरस्वती पूजा विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और संगीत-कला से जुड़े लोगों के लिए बेहद खास मानी जाती है। मान्यता है कि मां शारदा की कृपा से जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलता है और अज्ञानता दूर होती है। ▪️साल 2026 में सरस्वती पूजा को लेकर अगर आप भी असमंजस में हैं कि पूजा आज यानी 16 अक्टूबर को करनी है या कल 17 अक्टूबर को, तो पंचांग के अनुसार इसका सही दिन समझना जरूरी है। 16 अक्टूबर को मां सरस्वती का आवाहन किया जाएगा, जबकि 17 अक्टूबर को मुख्य पूजा का विधान है। *-: मां सरस्वती की पूजा विधि :-* मां सरस्वती की आराधना के लिए जरूरी नहीं कि आप बहुत विस्तृत कर्मकांड करें। घर पर भी साफ-सफाई और श्रद्धापूर्वक सरल विधि से पूजा की जा सकती है। *•* पूजा के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मां सरस्वती को श्वेत वस्त्रों में विराजमान दिखाया जाता है, इसलिए सफेद और पीले रंग को पूजा में विशेष महत्व दिया जाता है। *•* घर के किसी साफ और शांत स्थान पर लकड़ी की चौकी रखें। उस पर स्वच्छ कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। चाहें तो साथ में भगवान गणेश की प्रतिमा भी रख सकते हैं। *•* सरस्वती पूजा का सबसे खास पहलू ज्ञान और शिक्षा के साधनों का सम्मान करना है। विद्यार्थी अपनी किताबें, कॉपियां और कलम पूजा स्थल पर रखें। संगीत और कला से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्र या कला से संबंधित सामग्री भी श्रद्धापूर्वक रख सकते हैं। *•* मां सरस्वती को पीले या सफेद फूल अर्पित करें। इसके बाद रोली या चंदन का तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं। पूजा के दौरान मन को शांत रखकर मां का ध्यान करें। *•* पूजा में मां सरस्वती को बूंदी के लड्डू, बेसन का हलवा, खीर या मौसमी फल अर्पित कर सकते हैं। भोग लगाते समय सात्विकता और स्वच्छता का ध्यान रखें। *•* अंत में मां सरस्वती के मंत्र का जाप करें और उनकी आरती करें। पूजा के बाद परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद बांटें। विद्यार्थी मां से अच्छी स्मरण शक्ति, एकाग्रता और पढ़ाई में सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं। *-: मां सरस्वती का मंत्र जाप :-* *!! सरस्वती बीज मंत्र !!* *🙏🏻"ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" 🙏🏻* *इस मंत्र का 108 बार जाप करना कई परंपराओं में शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे एकाग्रता और ज्ञान की प्राप्ति के लिए मां का आशीर्वाद मिलता है।*

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