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🌤️ *दिनांक - 24 जून 2026* 🌤️ *दिन - बुधवार* 🌤️ *विक्रम संवत (2083)* 🌤️ *शक संवत -1948* 🌤️ *अयन - दक्षिणायन* 🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु* 🌤️ *मास - ज्येष्ठ* 🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *तिथि - दशमी शाम 06:12 तक तत्पश्चात एकादशी* 🌤️ *नक्षत्र - चित्रा दोपहर 01:59 तक तत्पश्चात स्वाती* 🌤️ *योग - परिघ सुबह 10:23 तक तत्पश्चात शिव* 🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:41 से दोपहर 02:22 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 05:59* 🌤️ *सूर्यास्त - 07:22* 👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे* 🚩*व्रत पर्व विवरण-* 💥*विशेष-* 🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩 👉🏻 *समृद्धि की वृद्धि के लिए निर्जला एकादशी पर इस वस्तु का दान अवश्य करले*⤵️ 🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷 ➡️ *24 जून 2026 बुधवार को शाम 06:12 से 25 जून, गुरुवार को रात्रि 08:09 तक एकादशी है।* 💥 *विशेष - 25 जून, गुरुवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।* 🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 👉🏻 *चूकना मत! 25 जून निर्जला एकादशी व्रत कथा, मिलेगा 26 एकादशियों का पुण्य*⤵️ 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...

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Comments (2)

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Jun 24, 2026

🌹 ऊं श्रीं गणेशाय नमः 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹

सविता

सविता

Jun 24, 2026

श्लोक: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा