
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
155 days ago
आज के दौर में इंटरनेट और मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके पीछे की इंजीनियरिंग और मेहनत वाकई हैरान करने वाली है। इस वीडियो के माध्यम से जो तकनीक दिखाई गई है, उसके कुछ रोचक पहलू यहाँ दिए गए हैं: १. समुद्र के नीचे बिछा इंटरनेट का जाल दुनिया का ९५% से ज्यादा इंटरनेट डेटा उपग्रहों (Satellites) से नहीं, बल्कि समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल्स के जरिए चलता है। * इन केबल्स को बिछाने के लिए विशेष जहाजों का उपयोग होता है। * ये केबल इंसानी बाल जितनी पतली होती हैं, लेकिन इनके ऊपर लोहे और प्लास्टिक की कई परतें होती हैं ताकि समुद्री लहरें और जीव इन्हें नुकसान न पहुँचा सकें। २. प्रकाश की गति से डेटा का सफर फाइबर ऑप्टिक तकनीक में डेटा बिजली के रूप में नहीं, बल्कि प्रकाश (Light) के रूप में सफर करता है। लेजर तकनीक की मदद से हजारों किलोमीटर का सफर पलक झपकते ही पूरा हो जाता है। ३. विशाल डेटा सेंटर्स (Data Centers) आप जो भी वीडियो देखते हैं या फोटो अपलोड करते हैं, वह दुनिया के किसी न किसी कोने में स्थित एक डेटा सेंटर में सुरक्षित होता है। ये सेंटर फुटबॉल के मैदान जितने बड़े होते हैं और इन्हें २४ घंटे ठंडा रखने के लिए बहुत बड़ी कूलिंग मशीनों और बिजली की जरूरत होती है। ४. टावर्स और फ्रीक्वेंसी का तालमेल जब आप चलते हुए फोन पर बात करते हैं, तो आपका मोबाइल सिग्नल एक टावर से दूसरे टावर पर इतनी तेजी से शिफ्ट होता है कि आपको पता भी नहीं चलता। इसे 'हैंडओवर' तकनीक कहते हैं, जो नेटवर्क को टूटने नहीं देती। > एक खास बात: जिस मोबाइल को हम आसानी से जेब में रखते हैं, उसे बनाने और उसे नेटवर्क से जोड़ने के पीछे लाखों वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की बरसों की मेहनत छिपी है। >
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