
SHREE SHARMA
400 days ago
य इदं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति भक्तिं मयि परं कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशय: न च तस्मान्मनुष्येषु कश्चिन्मे प्रियकृत्तम: भविता न च मे तस्मादन्य: प्रियतरो भुवि भगवान कहते हैं कि मेरे द्वारा कहे गए परम गोपनीय कल्याण कर देने वाले गीता ग्रंथ का जो मनुष्य में प्रचार करेगा उसके सामान इस पूरे भूमंडल पर मुझे और कोई दूसरा प्यारा नहीं होगा अर्थात जो गीता का प्रचार करता है लोगों में कहता है वह भगवान को अति प्रिय होता है.. हरे कृष्ण 🙏

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