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*ओयम्याकॉन: धरती का 'नरक' जहाँ खून जमा देने वाली ठंड में भी धड़कती है जिंदगी। शून्य से नीचे की वह दुनिया जहाँ सांसें भी जम जाती हैं..* ​रूस के साखा गणराज्य (याकुतिया) के सुदूर इलाके में बसा ओयम्याकॉन दुनिया का सबसे ठंडा स्थायी रूप से बसा हुआ स्थान है। यह कोई अस्थायी वैज्ञानिक केंद्र नहीं, बल्कि करीब 500 लोगों की आबादी वाला एक जीवंत गाँव है। यहाँ का जीवन किसी विशाल 'डीप फ्रीजर' के अंदर रहने जैसा है, जहाँ इंसान और प्रकृति के बीच हर पल एक संघर्ष चलता है। ​जैसे ही आप घर से बाहर कदम रखते हैं, आपकी सांसों की नमी तुरंत जमने लगती है। महज 30 सेकंड के भीतर आपकी पलकें, भौहें और दाढ़ी बर्फ की सफेद सुइयों से ढक जाती हैं। इसे स्थानीय लोग गर्व से "ओयम्याकॉन लुक" कहते हैं। ​यहाँ खेती करना असंभव है क्योंकि जमीन कंक्रीट की तरह सख्त और जमी हुई है। लोग जीवित रहने के लिए पूरी तरह मांस और मछली पर निर्भर हैं। ​मुख्य आहार है घोड़े और रेंडियर का मांस। ​विशेष व्यंजन (स्ट्रोगानिना): यह यहाँ का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन है, जिसमें कच्ची मछली को कागज की तरह पतला काटकर जमा हुआ ही परोसा जाता है। विटामिन से भरपूर होने के कारण इसे स्थानीय लोग अपनी 'हेल्दी आइसक्रीम' मानते हैं। ​ओयम्याकॉन में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए यहाँ के लोग कुछ खास नियमों का पालन करते हैं: ​यहाँ कार का इंजन कभी बंद नहीं किया जाता। यदि गाड़ी 10 मिनट के लिए भी बंद कर दी जाए, तो इंजन का तेल जमकर पत्थर हो जाता है। लोग अपनी कारों को घंटों चालू हालत में ही छोड़ देते हैं। ​यहाँ धातु (मेटल) के फ्रेम वाले चश्मे पहनना वर्जित है। अत्यधिक ठंड के कारण धातु त्वचा से चिपक जाती है और उतारते समय चेहरे की खाल तक उधड़ सकती है। ​यहाँ स्याही वाली पेन काम नहीं करती क्योंकि स्याही जम जाती है, इसलिए स्कूलों में केवल पेंसिल का उपयोग होता है। ​यहाँ स्कूल तभी बंद होते हैं जब तापमान -52°C से नीचे चला जाता है। -45°C तापमान को यहाँ सामान्य माना जाता है और बच्चे बाहर खेल सकते हैं। ​ सबसे कठिन चुनौती है अंतिम संस्कार ओयम्याकॉन में जीवन जितना कठिन है, मृत्यु उससे भी अधिक जटिल है। यहाँ की जमीन पर्माफ्रॉस्ट (स्थायी रूप से जमी हुई मिट्टी) है। कब्र खोदने के लिए कई दिनों तक मिट्टी पर आग जलानी पड़ती है ताकि वह थोड़ी नरम हो सके। कुछ सेंटीमीटर खुदाई के बाद फिर आग जलाई जाती है—इस प्रक्रिया में एक कब्र तैयार करने में कम से कम तीन दिन लग जाते हैं। ​हैरानी की बात यह है कि "ओयम्याकॉन" का अर्थ है "वह पानी जो जमता नहीं"। यह नाम पास के एक गर्म पानी के झरने के कारण पड़ा है। यहाँ रहने वाले लोग अपनी इस विरासत और भीषण ठंड को सहने की क्षमता पर गर्व करते हैं। ​आज 2025 में, यहाँ 'एक्सट्रीम टूरिज्म' काफी लोकप्रिय हो रहा है। पर्यटक यहाँ उबलते पानी को हवा में उछालकर उसे तुरंत बर्फ के बादलों में बदलते देखने का रोमांच अनुभव करने आते हैं। यह दुनिया की इकलौती ऐसी जगह है जहाँ खाने की चीजों को जमने से बचाने के लिए रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है! यह सोचकर भी हैरानी होती है कि इंसान ऐसी चरम परिस्थितियों में खुद को कैसे ढाल लेता है।

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