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🕉️ **सती के वियोग में महादेव** 🕉️ बहुत कम लोग जानते हैं कि भगवान शिव के जीवन का सबसे मार्मिक प्रसंग माता सती के वियोग का है। जब राजा दक्ष ने अपने यज्ञ में भगवान शिव का अपमान किया, तब माता सती ने उस अपमान को सहन न कर योगाग्नि द्वारा अपने शरीर का त्याग कर दिया। यह समाचार सुनकर भगवान शिव गहन शोक में डूब गए। उन्होंने माता सती के पार्थिव शरीर को अपनी भुजाओं में उठाया और समस्त ब्रह्मांड में विचरण करने लगे। उनके इस असीम विरह से सृष्टि का संतुलन डगमगाने लगा। तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंगों को अलग किया, जिससे भगवान शिव का विरह शांत हो सके और सृष्टि का क्रम पुनः स्थापित हो। इन्हीं स्थानों को आज **शक्ति पीठ** के रूप में पूजा जाता है। ✨ यह प्रसंग हमें सिखाता है कि स्वयं महादेव भी प्रेम, करुणा और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका वैराग्य भावनाओं का अभाव नहीं, बल्कि धर्म और सत्य के लिए उन्हें धारण करने की दिव्य शक्ति है। ॥ हर हर महादेव ॥ 🙏

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