MyMandirInstall

किन स्थितियों में नहीं करनी चाहिए हनुमानजी की पूजा ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हनुमानजी की पूजा से हर समस्या का समाधान संभव है क्योंकि इन्हें ही कलयुग का जीवंत देवता माना गया है। हनुमानजी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो इसका अशुभ परिणाम भी देखने को मिल सकता है। यहां जानिये शास्त्रों के अनुसार किन अवस्थाओं में हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए। निषेध अवस्थाओं में हनुमानजी की पूजा करन से इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अस्वच्छ कपड़ों में ~~~~~~~~~~~ कुछ लोग स्नान के तुरंत बाद ही टॉवेल लपेटकर या इनरवियर में हनुमानजी की पूजा कर लेते हैं। ये हनुमानजी की पूजा का गलत तरीका है। हनुमानजी की पूजा करते समय शुद्धता का पूरा ख्याल रखना चाहिए। गंदे कपड़ों में भी हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए। पीरियड्स के दौरान ~~~~~~~~~~~ महिलाएं जब रजस्वला अवस्था में हों तो उन्हें हनुमानजी सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि उनकी छाया भी हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र पर नहीं पड़नी चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो रजस्वला अवस्था के दौरान घर के मंदिर पर परदा डाल देना चाहिए। बिना स्नान किए ~~~~~~~~~~ हनुमानजी सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा बिना स्नान किए नहीं करना चाहिए। धर्म ग्रंथों में भी सुबह स्नान करने के बाद ही देवताओं की पूजा करने का विधान है। बिना स्नान किए हनुमानजी की प्रतिमा को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए। इसके नकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिल सकते हैं। शवयात्रा से आने के बाद ~~~~~~~~~~~~~~ शवयात्रा से आने के बाद बिना शुद्ध हुए यानी बिना नहाए किसी भी देवी- देवता को स्पर्श नहीं करना चाहिए। यही नियम है। हनुमानजी की पूजा में भी इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अशुद्ध अवस्था में ~~~~~~~~~~~~ कई लोग अशुद्ध अवस्था में भी हनुमानजी की पूजा कर लेते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। अशुद्ध अवस्था से अर्थ है यदि आप दिन भर काम करने के बाद घर आए हों तो आप अशुद्ध हैं क्योंकि पूरे दिन आप जितने लोगों से मिले, उनके बारे में आप नहीं जानते। इसलिए शाम को घर आकर पहले स्नान करने के बाद ही हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। खाने के बाद बिना पानी पिए ~~~~~~~~~~~~~~~~ कुछ भी खाने के बाद पानी जरूर पीना चाहिए या कुल्ला करना चाहिए। इससे मुख की शुद्धि होती है। खाने के बाद झूठे मुंह हनुमानजी सहित किसी भी देवी-देवता की पूजा करना निषेध माना गया है। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ।। जय जय सियाराम ।। ~~~~~~~~~~~~

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!