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SHREE SHARMA

458 days ago

. “एक फूँक की दुनिया” एक बड़े विरक्त, त्यागी सन्त थे। एक व्यक्ति उनका शिष्य हो गया। वह बहुत पढ़ा-लिखा था। उसने व्याख्यान देना शुरू कर दिया। बहुत लोग उसके पास आने लगे। बाबा जी ने उसको समझाया कि व्याख्यान देना कोई बढ़िया चीज नहीं है, इसमें फँसना नहीं। उनका शिष्य माना नहीं और दूसरी जगह जाकर व्याख्यान देने लगा। सब लोग वहीं जाने लगे। व्याख्यान सुनने के लिये बड़े-बड़े धनी लोग तथा स्वयं राजा भी आने लगे। बाबा जी को उस पर दया आ गयी कि मेरा शिष्य फँस जायगा ! एक दिन बाबा जी अपने शिष्य के पास पहुँचे। उसने देखा तो कहा–‘अरे ! हमारे गुरु महाराज पधारे हैं ! लोगों ने सुना तो सब बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। उनका बड़ा आदर हुआ, प्रशंसा हुई, महिमा हुई कि हमारे माहाराज के गुरु जी हैं ! कितने बड़े हैं ! सभा बैठी। राजा भी आये हुए थे। बाबा जी के मन में क्या आयी कि उठकर राजा के पास गये और जोर से ‘भर्र ........’ करके अपानवायु छोड़ दी। लोगों ने देखा तो उठ गये कि कुछ नहीं है ! चेला तो अच्छा है, पर गुरु में कुछ नहीं ! लोग भी नाराज हुए, राजा भी नाराज हुए। बाबा जी ने कहा कि आज हम यहाँ से चले जायँगे। लोग मन में प्रसन्न हुए कि अच्छी बात है, आफत मिटी ! महाराज के गुरु जी हैं, इसलिये थोड़ा आदर तो कर दें–‘ऐसा समझकर सभ्यता के नाते बहुत-से लोग बाबा जी को पहुँचाने आये। वहाँ एक मरी हुई चिड़िया पड़ी थी। बाबा जी ने उस चिड़िया को अँगुलियों से पकड़कर ऊपर उठा लिया और सबको दिखाने लगे। लोग देखने लगे कि बाबा जी यह क्या करते हैं ? बाबा जी ने फूँक मारी तो चिड़िया ‘फुर्र .......’ करके उड़ गयी। अब लोग वाह-वाह करने लगे कि बाबा जी तो बड़े सिद्ध महात्मा हैं ! चारों तरफ बाबा जी की जय-जयकार होने लगी। बाबा जी ने शिष्य को अपने पास बुलाया और कहा कि तू समझा कि नहीं ? शिष्य बोला–‘क्या समझना है महाराज !’ बाबा जी बोले–‘इस दुनिया की क्या कीमत समझी है तूने ? यह सब दुनिया एक फूँक की है। एक फूँक में भाग जाय और एक फूँक में आ जाय ! फूँक की क्या इज्जत है ! इसमें कोई तत्व नहीं है। इसलिये मान-बड़ाई में न फँसकर भगवान् का भजन करो। ऊँचे आसन पर बैठने से, व्याख्यान देने से कोई बड़ा नहीं हो जाता।’ ० ० ० पुस्तक: ‘प्रेरक कहानियाँ’कोड: १३०८ प्रकाशक: ‘गीताप्रेस’ (गोरखपुर) ॥जय जय श्री राधे॥ ********************************************

Comments (2)

Shree Chand Bhura Bhura

Shree Chand Bhura Bhura

Jun 1, 2025

अनुकरणीय।

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 29, 2025

Radhey Radhey 🙏 Subha Ratri Vishram Jii 🙏🌹🌹