
Rama Devi Sahu
104 days ago
जब मन कहीं अटक जाए, तो समझो कि वह विचार शून्य हो गया है। शास्त्रों में इसे ही क्षणिक समाधि का एक रूप माना जा सकता है—जहाँ न अतीत की चिंता है, न भविष्य की दौड़। बस आप हैं और वह एक 'अटका हुआ' पल है। राधे राधे 🙏🙏🙏🙏
Comments (2)

R k jangid phulera Jaipur
Jun 8, 2026
जय श्री राधे कृष्णा सुप्रभात वंदन जी 🙏

