
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
210 days ago
0️⃣1️⃣💎0️⃣2️⃣💎2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ *🔥 आज का प्रेरक प्रसंग 🔥* *🌹 एक नई सीख 🌹* कार से उतरकर भागतें हुए हॉस्पिटल में पहुँचे नौजवान बिजनेसमैन ने हाँफते हुए डॉक्टर से पूछा- डॉक्टर, अब कैसी है माँ? डॉक्टर ने कहा- अब ठीक है।माइनर स्ट्रोक था। कुछ बुजुर्ग लोग उन्हें सही समय पर यहां ले आये, वरना कुछ बुरा भी हो सकता था। डॉक्टर ने पीछे बेंच पर बैठे दो बुजुर्गों की तरफ इशारा कर के जवाब दिया। रिसेप्शन से फॉर्म इत्यादि की फार्मेंलिटी करनी है अब आपको। डॉक्टर ने कहना जारी रखा। थैंक यू डॉक्टर साहेब, वो सब काम मेरी सेक्रेटरी कर रही है। अब वो नौजवान बिजनेसमैन रिलैक्स था। फिर वो उन बुजुर्गों की तरफ मुड़ा, थैंक्स अंकल, पर मैनें आप दोनों को नहीं पहचाना। सही कह रहे हो बेटा, तुम नहीं पहचानोगे क्योंकि हम तुम्हारी माँ के वाट्सअप फ्रेंड हैं। एक बुजुर्ग ने बोला। क्या? वाट्सअप फ्रेंड! चिंता छोड़, उस नौजवान बिजनेसमैन को अचानक से अपनी माँ पर गुस्सा आया। 60+ नाम का वाट्सप ग्रुप है हमारा। 60+ नाम के इस ग्रुप में साठ साल व इससे ज्यादा उम्र के लोग जुड़े हुए हैं। इससे जुड़े हर मेम्बर को उसमें रोज एक मेसेज भेज कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी अनिवार्य होती है, साथ ही अपने आस पास के बुजुर्गों को इसमें जोड़ने की भी जिम्मेदारी दी जाती है। महीने में एक दिन हम सब किसी पार्क में मिलने का भी प्रोग्राम बनाते हैं। जिस किसी दिन, कोई भी मेम्बर मैसेज नहीं भेजता, तो उसी दिन उससे लिंक लोगों द्वारा, उसके हाल चाल का पता लगाया जाता है। आज सुबह तुम्हारी माँ का मैसेज न आने पर हम 2 लोग उनके घर पहुंच गए। नौजवान बिजनेसमैन गम्भीरता से बुजुर्गों की बातें सुन रहा था। बोला, पर माँ ने तो कभी नहीं बताया। उसने धीरे से कहा। माँ से अंतिम बार तुमने कब बात की थी बेटा? क्या तुम्हें याद है? एक बुजुर्ग ने पूछा। बिजनेस में उलझा, तीस मिनट की दूरी पर बने माँ के घर जाने का समय निकालना कितना मुश्किल बना लिया था खुद उसने। हाँ पिछली दीपावली को ही तो मिला था वह उनसे गिफ्ट देने के नाम पर। बुजुर्ग बोले बेटा, तुम सबकी दी हुई सुख सुविधाओं के बीच, अब कोई और माँ या बाप अकेले घर में कंकाल न बन जाएं, बस यही सोचकर ये ग्रुप बनाया है हमने। वरना दीवारों से बात करने की तो हम सब की आदत पड़ चुकी है। उसके सर पर हाथ फेर कर दोनों बुजुर्ग अस्पताल से बाहर की ओर निकल पड़े। नवयुवक एकटक उनको जाते हुए देखता रह गया। *👉शिक्षा-* अपनों का समय-समय पर ख्याल करते रहें और हाल-चाल पूछते रहें, ताकि समय पर उनकी मदद की जा सके! *सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है !* *जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है !!*
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