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जय माता दी! आज 07 मार्च 2026 को त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी के दरबार से पवित्र पिण्डी स्वरूप की आरती का भावपूर्ण सारांश और आध्यात्मिक संदेश यहाँ दिया गया है। आज की आरती का दिव्य स्वरूप माँ वैष्णो देवी की आरती का दृश्य अत्यंत मनमोहक और अलौकिक होता है। माँ के तीनों रूपों—महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती—का दिव्य श्रृंगार भक्तों के हृदय को शांति प्रदान करने वाला है। * श्रृंगार: माता को आज विशेष स्वर्णिम वस्त्रों और ताजे पुष्पों के हार से सजाया गया है। * वातावरण: शंख की ध्वनि, नगाड़ों की गूंज और वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच माता की कर्पूर आरती की गई। * दर्शन: अर्धकुंवारी से लेकर मुख्य भवन तक जयकारों की गूंज से पूरी घाटी भक्तिमय है। भक्ति संदेश: संस्कार और सेवा माँ के चरणों में बैठकर हमें सदा यह प्रेरणा मिलती है कि जीवन में संस्कार और अनुशासन ही सच्ची शक्ति है। अपने माता-पिता का सम्मान करना और वाणी में मधुरता रखना ही माँ की असली पूजा है। > "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥" > श्रद्धालुओं के लिए विशेष जानकारी * मौसम: कटरा और भवन के आसपास ठंड बनी हुई है, इसलिए गर्म कपड़े साथ रखें। * प्रसाद: दिव्य आरती के बाद पवित्र हलवा प्रसाद और सूखे मेवों का वितरण किया जाता है। माँ वैष्णो देवी आपकी और आपके परिवार की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें और सबको उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।

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