
SHREE SHARMA
392 days ago
कौन थी देवी योगमाया : पौराणिक कथाओं के अनुसार, योगमाया भगवान कृष्ण की बहन थीं और वह देवी शक्ति का ही एक रूप हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म के समय कंस से उनकी रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। योगमाया की पौराणिक कहानी: जन्म और कृष्ण से मिलान: देवी योगमाया का जन्म देवकी के साथ हुआ था, ठीक वैसे ही जैसे भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। गर्ग पुराण के अनुसार, देवकी के सप्तम गर्भ को योगमाया ने ही रोहिणी के गर्भ में पहुँचाया था, जिससे बलराम का जन्म हुआ। यशोदा के गर्भ से जन्म और कंस से बचाव: योगमाया ने नंद और यशोदा की पुत्री के रूप में जन्म लिया। जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, तो वसुदेव ने उन्हें गोकुल में नंद के पास सुरक्षित पहुँचा दिया और योगमाया को उनके स्थान पर देवकी के पास रख दिया। कंस ने जब योगमाया को मारने का प्रयास किया, तो वह उसके हाथों से छूटकर आकाश में चली गईं और उसने कंस को उसकी मृत्यु की भविष्यवाणी सुनाई। योगमाया की भूमिका: योगमाया को भगवान विष्णु की अंतरंग शक्ति माना जाता है, जो भगवान के लीलाओं को पूरा करने में सहायता करती है। उन्हें देवी शक्ति का ही एक रूप माना जाता है, जो विभिन्न देवियों जैसे दुर्गा, सीता, काली, राधा, लक्ष्मी आदि के रूप में प्रकट होती हैं।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Aug 3, 2025
Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Pannalal Chouhan
Aug 3, 2025
जय श्री राधे कृष्णा जी राधे राधे
