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10.1.2026 अनेक व्यक्ति वक्ताओं के प्रवचन सुनने जाते हैं। उन श्रोताओं में से कुछ लोग गुणग्राही होते हैं। *"वे वक्ता की अच्छी बातों को सुनते समझते और स्वीकार करते हैं। इससे उनकी उन्नति होती है। धीरे-धीरे उनमें अनेक गुण आ जाते हैं, और उनके अनेक दोष छूट जाते हैं।"* परंतु कुछ लोग दोषदर्शी होते हैं। वे वक्ताओं के केवल दोषों को ही देखते रहते हैं, कि *"इस वक्ता ने कहां और क्या गलती की?" "वे वक्ता की अच्छी बातों से कोई लाभ नहीं उठाते। बस, गलतियां ही ढूंढते रहते हैं, और उन पर अनेक प्रकार की बुरी बुरी टिप्पणियां ही करते रहते हैं।" "ऐसे लोगों की कोई विशेष उन्नति नहीं हो पाती। वे सदा दुखी रहते हैं, और समाज को भी अनेक प्रकार से हानियां पहुंचाते हैं।"* *"तो आप भी ऐसे व्यक्ति = वक्ता की गलतियां देखने वाले न बनें, बल्कि गुणग्राही बनें, जिससे आपका जीवन उत्तम और सुखमय हो जाए।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Jan 10, 2026

🙏 जय सिया राम जी 🙏 प्रभु की कृपा आप ओर आप के पूरे परिवार पर सदा बनी रहे जी 🙏 आप हमेसा स्वस्त रहे जी 🙏 🙏🙏🙏🙏

Annuraj  🥀🥀
Anita 😊

Annuraj 🥀🥀 Anita 😊

Jan 10, 2026

😊 शुभ प्रभात जी 🥀🥀🌺 आपका दिन शुभ मंगलमय हो 🌺🌺🥀 बाबा महाकाल का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे 🥀🥀 जय श्री राम 🌺🌺 जय बाला जी महाराज 🥀🥀🌺 जय श्री महाकाल 🥀🥀🌺🚩🚩🌹 😊