
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
163 days ago
आज 20 मार्च है और पूरी दुनिया में विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow Day) मनाया जा रहा है। यह दिन हमारे घरों के आस-पास चहकने वाली नन्हीं गौरैया के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। इस वर्ष (2026) की थीम भी गौरैया और मनुष्यों के बीच के पुराने जुड़ाव को दर्शाती है। गौरैया के बारे में कुछ खास बातें: * घटती संख्या: शहरीकरण, मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन और पक्के मकानों (जहाँ घोंसले बनाने की जगह नहीं मिलती) के कारण इनकी संख्या में भारी कमी आई है। * पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा: गौरैया केवल अनाज ही नहीं, बल्कि छोटे कीड़ों को भी खाती है, जिससे फसलों और पौधों की प्राकृतिक रक्षा होती है। * सांस्कृतिक महत्व: कई संस्कृतियों में इसे खुशहाली और घरेलू जीवन का प्रतीक माना जाता है। हम उनकी मदद कैसे कर सकते हैं? यदि आप इस नन्हीं पक्षी को फिर से अपने आंगन में बुलाना चाहते हैं, तो ये छोटे कदम उठा सकते हैं: * दाना-पानी: अपनी छत या बालकनी पर मिट्टी के बर्तन में साफ पानी और बाजरा या टूटे हुए चावल रखें। * कृत्रिम घोंसले: बाज़ार में मिलने वाले लकड़ी के बने बर्ड-हाउस लगाएं ताकि उन्हें सुरक्षित जगह मिल सके। * कीटनाशकों का कम उपयोग: बगीचों में रसायनों का कम प्रयोग करें, क्योंकि गौरैया के चूजों को जीवित रहने के लिए प्राकृतिक कीड़ों की आवश्यकता होती है। * देसी पौधे: अपने आस-पास ऐसे पौधे लगाएं जो स्थानीय हों, क्योंकि ये पक्षियों को प्राकृतिक आहार और आश्रय प्रदान करते हैं।



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