
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
194 days ago
खुशी हुई महादेव की नगरी काशी का यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम न केवल खेल के लिए, बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए भी पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। PIB India के अनुसार, इस स्टेडियम की बनावट में काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान की झलक साफ दिखाई देती है। इस स्टेडियम की कुछ दिव्य विशेषताएँ इसे सबसे अलग बनाती हैं डमरू और त्रिशूल: स्टेडियम के मुख्य स्वरूप को डमरू की आकृति दी गई है, जबकि यहाँ की फ्लडलाइट्स भगवान शिव के त्रिशूल के आकार की हैं घाट जैसी सीढ़ियाँ: स्टेडियम के बैठने की व्यवस्था (Seating Area) को वाराणसी के प्रसिद्ध गंगा घाटों की सीढ़ियों जैसा डिजाइन किया गया है। बेल-पत्र का प्रवेश द्वार: स्टेडियम के प्रवेश द्वार का डिजाइन बेल-पत्र की तरह रखा गया है, जो इसकी भव्यता में चार चाँद लगाता है। क्षमता: गंजारी (राजातालाब) में बन रहे इस आधुनिक स्टेडियम में लगभग 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी सभी चार फ्लडलाइट टावर लगने के बाद अब इसके अंतिम चरण का काम और भी तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। वाराणसी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए यह स्टेडियम मील का पत्थर साबित होगा। हर-हर महादेव!

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