
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
4 days ago
शुभ प्रभात जी 🙏 > *रोटी खाने से अधिक समय उस रोटी को बनाने में लगता है,* > *बनाने से अधिक समय उस रोटी को कमाने में लगता है,* > *और कमाने से अधिक समय उस रोटी को उगाने में लगता है।* गेहूं की बालियां धूप में जलती हैं, किसान खेत में तपता है, एक बाप बाजार में खपता है और एक माँ चूल्हे पर जलती है, तब जाकर वो रोटी हमारी थाली तक पहुँचती है। इसलिए स्वाद में कमी निकालने से पहले याद रखना - *एक निवाले के पीछे किसी की मेहनत, किसी का पसीना, किसी के छाले और किसी का प्यार छुपा होता है।* इसीलिए रोटी को हमेशा खुश होकर खाओ और धन्यवाद जरूर करो 🙏 राधे-राधे 🌾 *"अन्न का सम्मान - रोटी का धन्यवाद"*
Comments (3)

Pannalal panchal पंजी पांचाल लोहार ब्यावर राजस्थान
Oct 30, 2026
बहुत सुन्दर प्रस्तुति धन्यवाद जी शुभ प्रभात

Pannalal panchal पंजी पांचाल लोहार ब्यावर राजस्थान
Oct 30, 2026
जय माता रानी आशापुरा जगदम्बा नमो नमः

Kapil Tyagi
Oct 30, 2026
जय हो सुप्रभात वंदन
