
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
300 days ago
**मनुष्य का रूप, रंग, ज्ञान और धन तब तक सार्थक हैं, जब तक उनके साथ अच्छा चरित्र जुड़ा है क्योंकि असली श्रृंगार चरित्र है* **दुःख में स्वयं की एक अंगुली आंसू पोंछती है और सुख में दसों अंगुलिया ताली बजाती है। जब स्वयं का शरीर ही ऐसा करता हो तो दुनिया से क्या गिला शिकवा करना* **सबसे अच्छी किताब हम स्वयं हैं खुद को समझ लिया तो सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा.* **विनम्र रहिए लेकिन अपनी अन्दर की ताकत से अनजान नहीं।सुप्रभात राम राम आपका दिन शुभ मंगलमय हो**🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
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