
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
252 days ago
2️⃣2️⃣❗1️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣5️⃣ *✨ राम नाम जप की महिमा *(कथा)* *राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए, गोस्वामी तुलसीदास जी 'रामचरितमानस' में एक कथा कहते हैं।* *> एक बार शिव जी, पार्वती जी को बताते हैं कि राम का नाम स्वयं राम से भी बड़ा और महान है।* *⚓ *डूबते पत्थर का उद्धार* *जब श्री राम की सेना लंका पर* *सेतु (पुल) का निर्माण कर रही थी, तो नल और नील नामक* *वानरों को वरदान था कि वे जिस पत्थर को छू देते थे, वह पानी में तैरने लगता था।* *कई वानर भी पत्थरों पर 'राम' नाम लिखकर उन्हें पानी में डाल रहे थे, और वे पत्थर भी तैर रहे थे। यह देखकर एक दिन हनुमान जी ने सोचा कि "क्या यह महिमा राम के नाम की है या नल-नील के वरदान की?"* *इस जिज्ञासा से, हनुमान जी ने बिना किसी का नाम लिए, केवल 'राम' नाम लिखकर एक विशाल पत्थर समुद्र में डाला। आश्चर्य!* *वह पत्थर भी पानी पर तैर गया।* *इसके बाद, हनुमान जी ने सोचा कि स्वयं भगवान राम का नाम* *कितना महान है, यह देखने के* *लिए उन्होंने एक पत्थर लिया, उस पर कोई नाम नहीं लिखा, और उसे स्वयं समुद्र में डाल* *दिया। वह पत्थर तुरंत डूब गया।* *यह देखकर हनुमान जी समझ गए कि राम के नाम में स्वयं* *भगवान राम से भी अधिक शक्ति है। यह नाम एक ऐसा आधार है जो बड़े से बड़े संकट को भी पार लगा सकता है।* *🌟 राम नाम जप के विशेष लाभ* *राम नाम का नियमित जप करने से भौतिक और आध्यात्मिक, दोनों तरह के लाभ मिलते हैं:* 1. *मानसिक शांति: यह मन को एकाग्र करता है और तनाव, चिंता, तथा भय को दूर करता है, जिससे गहन मानसिक शांति प्राप्त होती है।* * 2. *पापों से मुक्ति: शास्त्रों के अनुसार, राम नाम के जप से जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों का नाश होता है।* * 3. *भय का निवारण: हनुमान जी की कथा के अनुसार, राम नाम सभी प्रकार के नकारात्मक शक्तियों, बुरी बाधाओं, और मृत्यु भय को दूर करता है।* * 4. *मोक्ष की प्राप्ति: यह जप भक्ति और वैराग्य को बढ़ाता है, जिससे जीव को अंततः जन्म और मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिलती है। इसे कलियुग में तारक मंत्र (पार उतारने वाला मंत्र) कहा गया है।* *या आप राम नाम से जुड़ा कोई भजन या चौपाई सुनना चाहेंगे?* *📜 तुलसीदास जी के दोहे 📜* *गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में भगवान राम की महिमा का गुणगान किया है। यहाँ उनके दो प्रसिद्ध दोहे प्रस्तुत हैं:* *1. *राम नाम की महिमा* *यह दोहा राम नाम की शक्ति और महत्ता को बताता है:* *> दोहा:* *> राम नाम मनि दीप धरु जीह देहरी द्वार।* *> तुलसी भीतर बाहेरौ जौं चाहसि उजियार॥* > *अर्थ: तुलसीदास जी कहते हैं कि यदि तुम अपने भीतर और बाहर दोनों ओर प्रकाश (ज्ञान और शांति) चाहते हो, तो राम नाम रूपी मणि-दीपक को अपनी जीभ रूपी देहली के द्वार पर रखो। यह नाम-सुमिरन ही जीवन को प्रकाशित करने वाला है।* *2. राम के स्वरूप का वर्णन* *यह दोहा भगवान राम के शांत,* *कोमल और मंगलकारी स्वरूप का वर्णन करता है:*" *> दोहा:* *> *मंगल भवन अमंगल हारी।* *> द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी॥* > *अर्थ: जो कल्याण का धाम हैं और अमंगल को हरने वाले हैं, दशरथ के आँगन में विहार करने वाले उन श्री राम जी की हमारे ऊपर कृपा हो। (यह दोहा किसी भी शुभ कार्य से पहले राम का आह्वान करने के लिए गाया जाता है..!!* *🙏🙏🏿🙏🏼जय श्री राम*🙏🏻🙏🏾🙏🏽

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