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Lays चिप्स का खेत से पैकेट तक का सफर काफी दिलचस्प है। इसमें साधारण आलू को एक हाई-टेक प्रक्रिया के जरिए क्रिस्पी चिप्स में बदला जाता है। यहाँ इस सफर के मुख्य पड़ाव दिए गए हैं: ### 1. खास किस्म के आलू की खेती साधारण आलू और चिप्स वाले आलू में फर्क होता है। Lays के लिए **FC5** जैसी खास किस्मों का इस्तेमाल किया जाता है। इन आलुओं में नमी (water content) कम और शुगर की मात्रा बहुत कम होती है, ताकि तलते समय ये काले न पड़ें और ज्यादा कुरकुरे बनें। ### 2. छंटाई और धुलाई खेतों से आलू फैक्ट्री पहुँचते हैं, जहाँ सबसे पहले उन्हें बड़े कन्वेयर बेल्ट पर धोया जाता है। इसके बाद मशीनें खराब या कटे-फटे आलुओं को अलग कर देती हैं। ### 3. छीलना और स्लाइसिंग (Slicing) आलुओं को एक घूमने वाले ड्रम में डाला जाता है जहाँ उनकी खाल उतार दी जाती है। इसके बाद तेज धार वाले कटर इन्हें बहुत पतला (करीब **1.27 mm**) काटते हैं। रिजेस (Ridges) वाले चिप्स के लिए खास जिग-जैग ब्लेड्स का इस्तेमाल होता है। ### 4. स्टार्च निकालना और सुखाना कटे हुए स्लाइस को फिर से ठंडे पानी से धोया जाता है ताकि अतिरिक्त **स्टार्च** निकल जाए। अगर स्टार्च नहीं निकाला गया, तो चिप्स आपस में चिपक जाएंगे। इसके बाद इन्हें हवा के जरिए सुखाया जाता है। ### 5. फ्राइंग (तलन) सूखे हुए स्लाइस को उबलते हुए तेल (जैसे पामोलिन या राइस ब्रान ऑयल) में डाला जाता है। यहाँ चिप्स को सिर्फ **3 से 4 मिनट** के लिए तला जाता है ताकि वे सुनहरे और क्रिस्पी हो जाएं। ### 6. सीजनिंग (मसाले) तलने के तुरंत बाद, जब चिप्स हल्के गर्म होते हैं, उन्हें एक बड़े ड्रम में मसाले के साथ घुमाया जाता है। गरम होने के कारण मसाला चिप्स पर अच्छी तरह चिपक जाता है। ### पैकेट में 'हवा' (नाइट्रोजन) का सच अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पैकेट में चिप्स कम और हवा ज्यादा है। लेकिन यह हवा नहीं, बल्कि **नाइट्रोजन गैस** होती है। इसके पीछे दो वैज्ञानिक कारण हैं: * **ऑक्सीडेशन से बचाव:** साधारण हवा में ऑक्सीजन होती है, जो चिप्स के तेल के साथ मिलकर उसे खराब (Rancid) कर देती है, जिससे चिप्स से अजीब बदबू आने लगती है और वे सील जाते हैं। नाइट्रोजन एक 'अक्रिय' (Inert) गैस है जो चिप्स को हफ्तों तक फ्रेश और क्रिस्पी रखती है। * **कुशनिंग (Cushioning):** नाइट्रोजन पैकेट को एक तकिए (Pillow) की तरह फुला देती है। इससे ट्रांसपोर्ट के दौरान चिप्स आपस में टकराकर चूरा नहीं होते। **एक रोचक तथ्य:** क्या आप जानते हैं कि एक पैकेट चिप्स बनाने के लिए औसतन **3 से 4 मध्यम आकार के आलू** का इस्तेमाल होता है, लेकिन पानी और स्टार्च निकलने के बाद उनका वजन काफी कम हो जाता है!

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Apr 12, 2026

🙏🏻🙏🏻🙏🏻 subh ratri ji 🙏🏻good night 🙏🏻

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 12, 2026

acchi Jankari ke liye Bahut Bahut Dhanyawad 🙏 Subha Dopahar Jii 🙏