
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
42 days ago
तमिलनाडु के तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर - 1000 साल पुराना इंजीनियरिंग का चमत्कार* 🚩 मंदिर *बृहदेश्वर मंदिर / Brihadeeswara Temple* है। इसे *राजराजेश्वर मंदिर* भी कहते हैं। *सारी जानकारी विस्तार से:* *1. कब और किसने बनवाया?* - *समय*: 11वीं सदी - 1003 से 1010 ईस्वी के बीच - *निर्माता*: महान चोल सम्राट *राजा राजा चोल I* - *उम्र*: 1000+ साल से ज्यादा। इतने साल बाद भी आंधी, तूफान, भूकंप इसे हिला नहीं पाए। इसीलिए लिखा है *"1000+ YEARS OF STRUCTURAL ENDURANCE"* *2. सबसे बड़ा रहस्य - 80 टन का पत्थर* मंदिर के सबसे ऊपर *विमान* के शिखर पर *80-TON GRANITE BLOCK* रखा हुआ है। - *वजन*: 80 टन = 80,000 किलो - *ऊंचाई*: जमीन से 200 फीट ऊपर - *रहस्य*: आज से 1000 साल पहले बिना क्रेन, बिना मशीन के इसे इतनी ऊंचाई पर कैसे ले जाया गया? इसीलिए वीडियो में लिखा है *"ENGINEERING MYSTERY"* और *"HOW WAS IT RAISED?"* मान्यता है कि 6 किमी लंबा रैंप बनाकर हाथियों की मदद से इसे ऊपर चढ़ाया गया था। *3. मंदिर की खास बातें* 1. *बिना सीमेंट के बना*: एक भी जोड़ या सीमेंट नहीं। सारे ग्रेनाइट के पत्थर एक-दूसरे में इंटरलॉक हैं। 2. *ऊंचाई*: विमान की ऊंचाई 216 फीट है। ये उस समय की सबसे ऊंची इमारतों में से एक थी। 3. *नक्काशी*: दीवारों पर इतनी बारीक कारीगरी है कि आज भी कंप्यूटर से नकल करना मुश्किल है। 4. *छाया का रहस्य*: कहा जाता है कि दोपहर में मंदिर के विमान की छाया जमीन पर नहीं पड़ती। *4. पूरा कॉम्प्लेक्स* ये सिर्फ एक मंदिर नहीं है। ये एक किले जैसा पूरा परिसर है जिसके चारों तरफ ऊंची दीवारें हैं। ऊपर से देखने पर ये एकदम सममित और ग्रिड जैसा दिखता है। *5. यूनेस्को विरासत* ये मंदिर *"Great Living Chola Temples"* का हिस्सा है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। *निचोड़* 1000 साल पहले बिना आधुनिक टेक्नोलॉजी के हमारे पूर्वजों ने जो बना दिया, आज के इंजीनियर भी उसे देखकर हैरान हैं। ये सिर्फ मंदिर नहीं, भारत की साइंस और कला का प्रमाण है। *सच में गर्व होता है अपनी संस्कृति पर* 🙏
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