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卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐 🌞दिनांक - 24 मार्च 2026 ⛅दिन - मंगलवार ⛅विक्रम संवत् - 2083 ⛅अयन - उत्तरायण ⛅ऋतु - वसंत ⛅मास - चैत्र ⛅पक्ष - शुक्ल ⛅तिथि - षष्ठी शाम 04:07 तक तत्पश्चात् सप्तमी ⛅नक्षत्र - रोहिणी शाम 07:05 तक तत्पश्चात् मृगशिरा ⛅योग - प्रीति सुबह 09:07 तक, तत्पश्चात् आयुष्मान प्रातः 06:02 मार्च 25 तक, तत्पश्चात् सौभाग्य ⛅राहुकाल - दोपहर 03:36 से शाम 05:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅सूर्योदय - 06:27 ⛅सूर्यास्त - 06:39 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में ⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:53 से प्रातः 05:40 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:09 से दोपहर 12:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:09 से मध्यरात्रि 12:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) 🌥️व्रत पर्व विवरण - यमुना छठ, रोहिणी व्रत, द्विपुष्कर योग (शाम 07:05 से प्रातः 06:25 मार्च 25 तक) 🌥️विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) 🔹आहार-सम्बन्धी कुछ आवश्यक नियम🔹 🔸 १- सदैव अपने कार्यके अनुसार आहार लेना चाहिये । यदि आपको कठोर शारीरिक परिश्रम करना पड़ता है तो अधिक पौष्टिक आहार लेवें । यदि आप हलका शारीरिक परिश्रम करते हैं तो हलका सुपाच्य आहार लेवें । 🔸 २- प्रतिदिन निश्चित समयपर ही भोजन करना चाहिये । 🔸 ३- भोजनको मुँहमें डालते ही निगले नहीं, बल्कि खूब चबाकर खायें, इससे भोजन शीघ्र पचता है । 🔸 ४- भोजन करनेमें शीघ्रता न करें और न ही बातोंमें व्यस्त रहें । 🔸 ५- अधिक मिर्च-मसालोंसे युक्त तथा चटपटे और तले हुए खाद्य पदार्थ न खायें। इससे पाचन-तन्त्रके रोगविकार उत्पन्न होते हैं । 🔸 ६- आहार ग्रहण करनेके पश्चात् कुछ देर आराम अवश्य करें । 🔸 ७- भोजनके मध्य अथवा तुरंत बाद पानी न पीयें । उचित तो यही है कि भोजन करनेके कुछ देर बाद पानी पिया जाय, किंतु यदि आवश्यक हो तो खानेके बाद बहुत कम मात्रामें पानी पी लेवें और इसके बाद कुछ देर ठहरकर ही पानी पीयें । 🔸 ८- ध्यान रखें, कोई भी खाद्य पदार्थ बहुत गरम या बहुत ठंडा न खायें और न ही गरम खानेके साथ या बादमें ठंडा पानी पीयें । 🔸 ९- आहार लेते समय अपना मन-मस्तिष्क चिन्तामुक्त रखें । 🔸 १०- भोजनके बाद पाचक चूर्ण या ऐसा ही कोई भी अन्य औषध-पदार्थ सेवन करनेकी आदत कभी न डालें । इससे पाचन-शक्ति कमजोर हो जाती है । 🔸 ११- रात्रि को सोते समय यदि सम्भव हो तो गरम ( गुनगुना ) दूधका सेवन करें । 🔸 १२- भोजनोपरान्त यदि फलोंका सेवन किया जाय तो यह न केवल शक्तिवर्द्धक होता है, बल्कि इससे भोजन शीघ्र पच भी जाता है । 🔸 १३- जितनी भूख हो, उतना ही भोजन करें। स्वादिष्ठ पकवान अधिक मात्रामें खानेका लालच अन्ततः अहितकर होता है । 🔸 १४- रात्रिके समय दही या लस्सीका सेवन न करें । ▬▬๑⁂❋⁂๑▬▬        🚩जय श्री राम🚩        🚩धर्मो रक्षति रक्षितः        🇮🇳हिन्दू राष्ट्र भारत

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